JPSC 14वीं पीटी परीक्षा जांच तेज, पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते से 9 घंटे पूछताछ; परीक्षा रद्द होने की अटकलें तेज

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Ranchi: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच लगातार तेज होती जा रही है। एक ओर रांची में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का आंदोलन सरकार के खिलाफ उग्र होता जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सीआईडी की जांच भी निर्णायक चरण में पहुंचती दिख रही है। शुक्रवार को सीआईडी ने JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते से करीब नौ घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ के बाद उन्हें घर जाने की अनुमति दे दी गई।

जांच एजेंसी का दावा है कि अब तक मिले साक्ष्यों से परीक्षा प्रक्रिया में कई गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। ऐसे में 14वीं पीटी परीक्षा को रद्द किए जाने की संभावनाओं को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक फैसला नहीं लिया गया है।

OMR शीट जांच में मिले संदिग्ध संकेत

सीआईडी की जांच में ओएमआर शीट से जुड़ी कई संदिग्ध बातें सामने आई हैं। अभ्यर्थी **सुमन सौरभ** की गिरफ्तारी के बाद जांच को नई दिशा मिली है। पूछताछ में उसने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने परीक्षा में सीमित प्रश्नों के उत्तर दिए थे, इसके बावजूद वह प्रारंभिक परीक्षा में सफल घोषित कर दिया गया।

इसके बाद सीआईडी ने ओएमआर शीट की जांच तेज कर दी। नोटिस जारी होने के बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अपनी ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी जांच के लिए भेज रहे हैं। शुरुआती जांच में कई मामलों में अभ्यर्थियों के पास मौजूद प्रतियों और आधिकारिक रिकॉर्ड के बीच अंतर मिलने की बात सामने आई है।

पूर्व अध्यक्ष से कई अहम सवाल

सीआईडी अधिकारियों ने एल. खियांग्ते से भर्ती प्रक्रिया, परीक्षा संचालन, परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया और परीक्षा आयोजित करने वाली निजी एजेंसी टीडीपीएल (TDPL) की भूमिका को लेकर विस्तृत पूछताछ की। जांच एजेंसी ने यह भी जानने की कोशिश की कि ओएमआर शीट निजी एजेंसी के कार्यालय तक कैसे पहुंची और उनमें कथित छेड़छाड़ किन परिस्थितियों में हुई।

सूत्रों के अनुसार, इन सवालों पर पूर्व अध्यक्ष स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। अब सीआईडी उनके जवाबों का अन्य आरोपियों के बयान और उपलब्ध दस्तावेजों से मिलान कर रही है।

जांच का दायरा बढ़ने के संकेत

सीआईडी को पूछताछ के दौरान मिले इनपुट के आधार पर आयोग के कुछ अन्य सदस्यों और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है। पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता, टीडीपीएल के अधिकारियों और कर्मचारियों से मिली जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है।

इससे पहले सीआईडी ने JPSC कार्यालय और टीडीपीएल के दफ्तर में तलाशी अभियान चलाया था। इस दौरान एजेंसी के कार्यालय से कई ओएमआर शीट बरामद हुई थीं, जिन्हें जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है।

कई आरोपी न्यायिक हिरासत में

सीआईडी ने तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता, टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह, मार्केटिंग मैनेजर मनोज तिवारी, तकनीकी प्रोग्रामर मो. उस्मान मो. एजाद समेत अन्य कर्मचारियों से कई दौर की पूछताछ की। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। कुछ आरोपियों की रिमांड बढ़ाकर दोबारा पूछताछ भी की गई, जिसमें पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते को आमने-सामने बैठाकर कई बिंदुओं पर सवाल पूछे गए।

 नोट: परीक्षा रद्द किए जाने को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। जांच जारी है और अंतिम निर्णय संबंधित सक्षम प्राधिकारी द्वारा लिया जाएगा।

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