Jhar Media: बिहार के मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) में जहरीली शराब से हुई 7 मौतों ने कोहराम मचा दिया है. हरसिद्धि विधानसभा के तुरकौलिया इलाके में मातम पसरा है, लेकिन इस बीच सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ है कि शराबबंदी के बावजूद गांवों तक यह ‘जहर’ पहुंचा कैसे? पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने इस पूरे सप्लाई नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ लिया है.
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कैसे हुई घटना
जांच में पता चला है कि इस खूनी खेल की शुरुआत पिपराकोठी इलाके से हुई थी. यहां के दो बड़े स्प्रिट तस्कर, कन्हैया और राजा, ने जहरीले केमिकल (मेथनॉल) वाली स्प्रिट की एक बड़ी खेप मंगवाई थी. यही वह शुरुआती पॉइंट था जहां से ‘मौत का सामान’ बाजार में उतरने के लिए तैयार हुआ.
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बिचौलियों ने गांव-गांव फैलाया जाल
पिपराकोठी से निकलने के बाद यह स्प्रिट सीधे गांवों में नहीं पहुंची, बल्कि इसे कई हाथों से गुजारा गया. सबसे पहले कन्हैया और राजा ने इसे खलीफा और सुनील शाह को बेचा. इन दोनों ने इस खेप को आगे मुख्य तस्कर नागा राय और जम्मू बैठा तक पहुंचाया. नागा राय ने परसौना इलाके की जिम्मेदारी ली और जम्मू बैठा ने बालगंगा क्षेत्र में इस जहर को घर-घर पहुंचाने का काम किया.



