Jhar Media: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच क्षेत्रीय हालात अचानक बेहद गंभीर हो गए हैं। अमेरिका और इज़राइल ने संयुक्त सैन्य कार्रवाई करते हुए ईरान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए, जिनमें देश के कई प्रमुख शहरों और सामरिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, इन हमलों में सैन्य प्रतिष्ठानों के साथ-साथ सुरक्षा ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
हमले के तुरंत बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पश्चिम एशिया और अन्य क्षेत्रों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। ईरानी अधिकारियों का दावा है कि यह कार्रवाई “आत्मरक्षा” के तहत की गई है, जबकि अमेरिका ने अपने सैनिकों और सहयोगी देशों की सुरक्षा बढ़ा दी है। पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है।
इसी बीच सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर इज़राइली हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के मारे जाने की सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के सरकारी मीडिया ने उनकी मौत की पुष्टि की है। इस घटना को ईरान की राजनीति और पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति के लिए ऐतिहासिक और बेहद संवेदनशील मोड़ माना जा रहा है।
खामेनेई के निधन के बाद ईरान सरकार ने देशभर में 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। इसके साथ ही सात दिनों का सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। राजधानी तेहरान सहित कई शहरों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और बड़े पैमाने पर शोक सभाओं की तैयारी की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटनाक्रम से पश्चिम एशिया में व्यापक संघर्ष की आशंका बढ़ गई है। संयुक्त राष्ट्र सहित कई देशों ने तत्काल संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान की अपील की है, ताकि स्थिति पूर्ण युद्ध में न बदल जाए।



