Ranchi : आदिवासी कॉलेज छात्रावास परिसर, करमटोली, रांची में आयोजित सरहुल पूजा महोत्सव-2026 में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी पत्नी कल्पना सोरेन के साथ शामिल हुए। इस अवसर पर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ सरहुल पूजा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग उपस्थित रहे।
पारंपरिक वेशभूषा में दिखे मुख्यमंत्री
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए। उन्होंने सरहुल पूजा में भाग लेकर प्रकृति और सरना धर्म की परंपराओं को नमन किया। इस दौरान उन्होंने पूजा स्थल पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए और राज्य की सुख-समृद्धि की कामना की।
ढोल बजाकर किया नृत्य
सरहुल महोत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ढोल बजाते और पारंपरिक नृत्य करते नजर आए। उनके साथ उपस्थित लोगों ने भी पारंपरिक नृत्य में भाग लिया, जिससे पूरा माहौल उत्साह और उल्लास से भर गया।
सरहुल प्रकृति पूजा का महापर्व
सरहुल आदिवासी समाज का प्रमुख त्योहार है, जो प्रकृति और सखुआ (साल) वृक्ष की पूजा के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व नए साल और नई फसल के स्वागत का प्रतीक माना जाता है। झारखंड में सरहुल का विशेष महत्व है और इसे पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।
भाईचारे और संस्कृति का प्रतीक
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरहुल झारखंड की पहचान और संस्कृति का प्रतीक है। यह पर्व प्रकृति, पर्यावरण और आपसी भाईचारे का संदेश देता है। उन्होंने सभी राज्यवासियों को सरहुल की शुभकामनाएं दीं।



