Ranchi: झारखंड विधानसभा के अंतिम दिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की हिंदू त्योहारों को लेकर की गई टिप्पणी पर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। उनके बयान के बाद विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे आस्था से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा बताया है।
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मुख्यमंत्री सोरेन ने सदन में कहा था कि देश में सरस्वती पूजा, लक्ष्मी पूजा और विश्वकर्मा पूजा जैसे त्योहार व्यापक रूप से मनाए जाते हैं, लेकिन कुछ लोग अपनी राजनीतिक सुविधा के अनुसार आस्था का चयनात्मक सम्मान करते हैं।
सीएम के इस बयान पर बीजेपी नेताओं ने कड़ा विरोध जताते हुए आरोप लगाया कि यह हिंदू आस्था का अपमान है। पार्टी का कहना है कि मुख्यमंत्री तुष्टिकरण की राजनीति करते हैं और सभी धर्मों के प्रति समान दृष्टिकोण नहीं रखते। उन्होंने यह भी कहा कि एक ओर हिंदू त्योहारों को लेकर इस तरह की टिप्पणियां की जाती हैं, जबकि दूसरी ओर इफ्तार पार्टियों में शामिल होकर अलग संदेश दिया जाता है।
विवाद बढ़ने के साथ ही राज्य की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री से स्पष्टीकरण की मांग की है, वहीं सत्तारूढ़ दल की ओर से अभी तक इस पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले समय में राज्य की राजनीति में और गरमा सकता है।
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