Patna: नीट पेपर लीक मामले का मास्टरमाइंड संजीव मुखिया पुलिस की गिरफ्ता में है. पुलिस उससे कड़ाई से पूछताछ कर रही है. इसमें कई तरह के खुलास हो रहे हैं. मुखिया ने पूछताछ के दौरान यह स्वीकार किया कि उसने पेपर लीक करने का रास्ता इसलिए चुना ताकि वह अपनी पत्नी को राजनीतिक रूप से स्थापित कर सके. नालंदा के संजीव मुखिया की पत्नी ममता देवी इस वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव में हरनौत विधानसभा से चुनावी मैदान में उतर रही हैं.
हरनौत में चुनावी कार्यकर्ताओं के कार्यालय का उद्घाटन किया गया, जिसमें उन्होंने कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार किया. उसने बताया कि उसके पास कई सफेदपोश लोगों के बच्चों को मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाने का नेटवर्क था, जिसमें उसने रेलवे भर्ती बोर्ड और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) जैसे संस्थानों में भी सेटिंग करने का दावा किया.
उसके गिरोह में लगभग 30 लोग शामिल थे, जो विभिन्न राज्यों में फैले हुए थे.
संजीव मुखिया ने बताया कि उसने कई प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक करवाए हैं, जिससे न केवल शिक्षा प्रणाली को नुकसान पहुंचा है बल्कि हजारों मेहनती छात्रों के सपनों से भी खिलवाड़ किया है. मुखिया ने पूछताछ में बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल की प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली का आरोप लगाया. उसने बिहार में सिपाही भर्ती, शिक्षक चयन और नीट यूजी परीक्षाओं के पेपर लीक से जुड़े कई नए नामों का खुलासा किया है, जिनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
बता दें कि संजीव मुखिया डेढ़ साल तक फरार था. इस दौरान उसने विभिन्न स्थानों पर छिपकर वह अपना काम कर रहा था. उसकी गिरफ्तारी से पहले, वह पटना के सगुना मोड़ के पास आरएन हाइट्स अपार्टमेंट में अपनी गर्लफ्रेंड के साथ रह रहा था. यह जानकारी तब सामने आई जब आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने उसे गिरफ्तार किया. संजीव मुखिया ने नेपाल में भी छिपने की कोशिश की थी, लेकिन अंततः वह पटना लौट आया और एक नया गिरोह बनाने की योजना बना रहा था. लेकिन इसी बीच पकड़ा गया.



