Jhar Media: केंद्र सरकार ने सोमवार को एक साथ कई झटके दे दिये. सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क दो रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिया. इसके बाद रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में भी 50 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई. विपक्ष इसे लेकर सवाल उठा रहा है. कांग्रेस ने पूछा की इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद सरकार ने कीमतें क्यों बढा दी है.
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उत्पाद शुल्क में बढ़ोतरी
दरअसल केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क दो-दो रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिया है. यह और बात है कि पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों पर इस फैसले का कोई असर नहीं पड़ेगा. पेट्रोलियम कंपनियों ने उत्पाद शुल्क बढ़ने के बावजूद खुदरा कीमतें स्थिर रहने की बात कही है.
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खुदरा कीमतों पर असर नहीं
वहीं सरकारी आदेश के अनुसार, पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी को बढ़ाकर 13 रुपये प्रति लीटर किया गया है. वहीं, डीजल पर यह बढ़ोतरी 10 रुपये प्रति लीटर है. एलपीजी सिलेंडर की कीमत 50 रुपये बढ़ा दी गई हैं. यह आदेश सब्सिडी और गैर-सब्सिडी वाले दोनों सिलेंडरों के लिए है. शुल्क में बढ़ोतरी 8 अप्रैल से लागू होगी. वहीं बढ़ी कीमतों का असर पेट्रोल, डीजल पर नहीं होगा.



