Gumla : 13 वर्षीय दिव्यांग नाबालिग से दुष्कर्म के जघन्य मामले में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-चार सह पॉक्सो के विशेष न्यायाधीश संजीव भाटिया की अदालत ने आरोपी तांत्रिक संजय विश्वकर्मा को कड़ी सजा सुनाई है। न्यायालय ने उसे पॉक्सो अधिनियम के तहत दोषी करार देते हुए फांसी की सजा तथा लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी ने एक दिव्यांग और असहाय बच्ची के साथ अमानवीय कृत्य किया, जो समाज के लिए अत्यंत शर्मनाक और निंदनीय है। न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि ऐसे अपराधों में किसी भी प्रकार की नरमी न्याय के सिद्धांतों के विपरीत होगी।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पीड़िता का बयान, चिकित्सीय रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों को प्रस्तुत किया, जिसके आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी पाया। बचाव पक्ष की दलीलों को न्यायालय ने पर्याप्त आधार न मानते हुए खारिज कर दिया।
इस निर्णय को पीड़िता और उसके परिजनों के लिए न्याय की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। स्थानीय लोगों ने भी अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए इसे समाज में कड़ा संदेश बताया कि नाबालिगों के विरुद्ध अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।



