Sports Desk : आईसीसी मेंस अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप का खिताबी मुकाबला हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला गया, जहां इंग्लैंड और भारत के बीच रोमांचक मुकाबला हुआ, भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए धमाकेदार प्रदर्शन किया। इस मुकाबले का सबसे बड़ा आकर्षण रहे युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी, जिन्होंने तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी कर इतिहास रच दिया। वैभव ने महज 55 गेंदों में शानदार शतक जड़कर विरोधी टीम के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं।
अपनी विस्फोटक पारी के दौरान वैभव सूर्यवंशी ने मैदान के चारों ओर शॉट्स की बरसात की। उन्होंने 8 चौके और 8 छक्के लगाते हुए रनगति को लगातार ऊंचा बनाए रखा। उनका स्ट्राइक रेट लगभग 190 के आसपास रहा, जो फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में उनकी आक्रामक मानसिकता और आत्मविश्वास को दर्शाता है। शुरुआत से ही उन्होंने गेंदबाजों पर दबाव बनाया और पावरप्ले का भरपूर फायदा उठाया।
वैभव की इस आतिशी बल्लेबाजी का असर पूरी टीम की रनगति पर भी साफ दिखा। भारतीय टीम ने सिर्फ 20 ओवर के अंदर ही 160 रनों का आंकड़ा पार कर लिया, जो फाइनल मुकाबले के लिहाज से बेहद तेज स्कोरिंग मानी जाती है। दूसरे छोर से भी बल्लेबाजों ने उनका अच्छा साथ दिया, लेकिन मुख्य आकर्षण वैभव की रिकॉर्डतोड़ पारी ही रही।
वैभव सूर्यवंशी अंततः 175 रन बनाकर आउट हुए। उनकी यह पारी अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल के इतिहास का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बन गई है। इससे पहले यह रिकॉर्ड भारत के ही उन्मुक्त चंद के नाम था, जिन्होंने फाइनल में 111 रन बनाए थे। वैभव ने इस उपलब्धि के साथ न सिर्फ पुराना रिकॉर्ड तोड़ा, बल्कि खुद को भविष्य के बड़े सितारे के रूप में भी स्थापित कर दिया।
उनकी इस यादगार पारी ने फाइनल मुकाबले को ऐतिहासिक बना दिया और भारतीय क्रिकेट को एक नया उभरता हुआ सितारा दे दिया।



