Ranchi: झारखंड में अपराध नियंत्रण और विधि-व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से पुलिस मुख्यालय स्थित सभागार में शनिवार को राज्य की महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक (DGP) तदाशा मिश्र की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्यभर में अपराध की स्थिति, उग्रवाद गतिविधियों तथा कानून-व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान डीजीपी ने पूर्व में दर्ज धमकी, लेवी, आगजनी और तोड़फोड़ से जुड़े मामलों की गहन समीक्षा करते हुए फरार अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से फरार अपराधियों के विरुद्ध कुर्की-जप्ती की कार्रवाई तेज की जाए तथा आवश्यकतानुसार उन पर पुरस्कार घोषित करने की प्रक्रिया अपनाई जाए।

डीजीपी ने सभी पुलिस अधिकारियों को प्राप्त आसूचनाओं का त्वरित सत्यापन कर समयबद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही नक्सल विरोधी अभियान को और प्रभावी बनाने तथा आत्मसमर्पण नीति का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर दिया गया। स्थानीय नेटवर्क, मुखबिर तंत्र और डिजिटल निगरानी प्रणाली को सुदृढ़ कर आसूचना संग्रह बढ़ाने के भी निर्देश दिए गए।

बैठक में जमानत पर रिहा उग्रवादियों एवं अपराधियों की विशेष निगरानी रखने, संगठित अपराध गिरोहों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने तथा लूट, हत्या, चोरी, डकैती, बलात्कार, पॉक्सो एक्ट और साइबर अपराध से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।

डीजीपी ने सभी प्रक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक एवं क्षेत्रीय उप-महानिरीक्षकों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में निर्देशों का सख्ती से अनुपालन कराएं, प्रभावित इलाकों का नियमित भ्रमण करें तथा उग्रवाद से संबंधित दर्ज मामलों की लगातार समीक्षा करते रहें।

बैठक में पुलिस मुख्यालय एवं विभिन्न इकाइयों के वरिष्ठ अधिकारी भौतिक रूप से उपस्थित रहे, जबकि लातेहार, हजारीबाग, लोहरदगा, चतरा और पलामू के पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।

 

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