Ranchi: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान Mahendra Singh Dhoni को लेकर झारखंड में एक प्रशासनिक मामला सामने आया है. झारखंड राज्य आवास बोर्ड ने उन्हें ज़मीन के उपयोग को लेकर नोटिस जारी किया है.
क्या है पूरा मामला?
झारखंड राज्य आवास बोर्ड के अनुसार, धोनी को जो ज़मीन आवंटित की गई थी, वह आवासीय उद्देश्य (घर बनाकर रहने) के लिए दी गई थी. लेकिन बोर्ड का आरोप है कि उस ज़मीन का इस्तेमाल अब व्यावसायिक गतिविधि के लिए किया जा रहा है.
सूत्रों के मुताबिक, धोनी के पुराने घर परिसर में एक पैथोलॉजी लैब संचालित की जा रही है, जबकि आवंटन की शर्तों के अनुसार वहां किसी प्रकार का व्यवसायिक उपयोग अनुमति के दायरे में नहीं आता.
नोटिस में क्या कहा गया?
* आवास बोर्ड ने धोनी को अंतिम अवसर देते हुए नोटिस भेजा है.
* उनसे कहा गया है कि वे निर्धारित समय के भीतर अपना पक्ष स्पष्ट करें.
* यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो बोर्ड ज़मीन आवंटन रद्द करने की अनुशंसा कर सकता है.
आगे क्या हो सकता है?
अब पूरा मामला इस बात पर निर्भर करेगा कि:
* धोनी या उनके प्रतिनिधि बोर्ड को क्या स्पष्टीकरण देते हैं,
* और क्या भूमि उपयोग नियमों के तहत किसी प्रकार की अनुमति या परिवर्तन (land use change) लिया गया है या नहीं.
यदि नियमों का उल्लंघन साबित होता है, तो प्रशासनिक कार्रवाई संभव है. वहीं उचित दस्तावेज़ या अनुमति होने पर मामला समाप्त भी हो सकता है.



















































