Shimla: हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है. बुधवार को कुल्लू जिले में चार अलग-अलग स्थानों—सैंज के जीवानाला, गड़सा के शिलागढ़, मनाली के स्नो गैलरी, और बंजार के होरनगढ़—में बादल फटने की घटनाएं हुईं. इसके अलावा धर्मशाला के खनियारा क्षेत्र में भी बादल फटा, जिससे भारी तबाही मची. इन घटनाओं के चलते कई गाड़ियां पानी में बह गईं और अनेक स्थानों पर भूस्खलन व जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई.
बारिश के कारण सड़कों को भारी नुकसान हुआ है, जिससे सैंज घाटी की शैंशर, शांघड़ और सुचैहन पंचायतों में करीब 150 से अधिक पर्यटकों के वाहन फंस गए हैं. अनुमान है कि लगभग 2000 लोग वहां फंसे हुए हैं और बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा है. इसी तरह लाहौल स्पीति में भी दो दर्जन से अधिक पर्यटक अलग-अलग स्थानों पर फंसे हुए हैं.
कांगड़ा जिले में स्थिति और भी गंभीर हो गई, जहां एक हाइड्रो प्रोजेक्ट के पास अचानक आई फ्लैश फ्लड में लगभग 20 मजदूर पानी में बह गए. राहत एवं बचाव दल द्वारा चलाए गए सर्च ऑपरेशन में अब तक दो शव बरामद किए जा चुके हैं. बताया जा रहा है कि सभी मजदूर अस्थाई शेड में रह रहे थे, जो तेज बहाव में बह गया. धर्मशाला के लूंगटा क्षेत्र में भी एक पॉवर प्रोजेक्ट के पास अचानक आई बाढ़ में दो लोगों की जान चली गई. मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिससे आने वाले समय में स्थिति और बिगड़ सकती है.
राज्य के कुल्लू, मंडी और कांगड़ा जिलों में हो रही भारी बारिश से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो चुका है. एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें राहत व बचाव कार्य में जुटी हुई हैं, लेकिन कई जगहों पर टूटी सड़कों और कठिन भू-भौगोलिक परिस्थितियों के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में देरी हो रही है. प्रशासन लोगों से अपील कर रहा है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें. हालात को देखते हुए राज्य सरकार ने आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट पर रखा है.



