Lucknow: जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार मामला बेहद गंभीर और चौंकाने वाला है. एटीएस की जांच में एक ऐसे धर्मांतरण गिरोह का खुलासा हुआ है, जो न सिर्फ महिलाओं का जबरन धर्म परिवर्तन करवा रहा था, बल्कि इसके लिए उन्हें दुष्कर्म, ब्लैकमेल और मानसिक प्रताड़ना का भी शिकार बनाता था.
सूत्रों के मुताबिक, गिरोह में शामिल लोग पहले उन महिलाओं को निशाना बनाते थे जो धर्म परिवर्तन के लिए तैयार नहीं होती थीं. उन्हें प्रेमजाल में फंसाया जाता या फिर जबरन दुष्कर्म कर वीडियो बना लिया जाता. बाद में उन्हीं वीडियो के ज़रिए उन्हें धमकाकर इस्लाम कबूल करवाया जाता था. इस गंदे खेल का मास्टरमाइंड जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा था, जो बलरामपुर के मधपुर गांव से पूरे देश में अवैध धर्मांतरण का नेटवर्क चला रहा था.
एटीएस की पूछताछ में यह भी सामने आया है कि छांगुर बाबा ने धर्म परिवर्तन कराने की जिम्मेदारी खुद गिरोह की महिलाओं को दे रखी थी. साथ ही मुस्लिम युवक हिंदू नाम रखकर युवतियों से संबंध बनाते और फिर उन्हें शादी और धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करते.
धर्मांतरण के लिए बनी थीं तीन श्रेणियां. पहली श्रेणी में वे महिलाएं थीं, जो गरीब और अनुसूचित जाति की महिलाओं को फुसलाकर धर्म परिवर्तन करवाती थीं. दूसरी श्रेणी में वे युवतियां शामिल थीं जो देह व्यापार में फंसी युवतियों को इस्लाम अपनाने के लिए मजबूर करती थीं. तीसरी श्रेणी में मुस्लिम युवक थे, जो हिंदू नाम रखकर लड़कियों को प्रेमजाल में फंसाकर उनका धर्म परिवर्तन कराते थे.
अब तक की जांच में नीतू उर्फ नसरीन सहित कई लोगों से पूछताछ की जा चुकी है. वहीं, एटीएस की रडार पर दो और महिलाएं हैं, जो छांगुर के संपर्क में आकर इस्लाम कुबूल कर चुकी थीं. इनमें से एक बौद्ध धर्म की अनुयायी है जबकि दूसरी मुंबई निवासी है. मामले के तूल पकड़ने के बाद से दोनों लापता हैं और उनकी तलाश की जा रही है.धर्मांतरण का यह संगठित और सुनियोजित नेटवर्क अब जांच एजेंसियों के निशाने पर है, और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.



