Patna: पटना में दिनदहाड़े हुई वकील जितेंद्र कुमार मेहता की हत्या का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर सनसनीखेज खुलासा कर दिया है. पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि हत्या में मृतक की बड़ी बेटी के प्रेमी सोनू उर्फ मोहम्मद शोएब मुख्य साजिशकर्ता है. पुलिस ने इस हत्याकांड में शामिल सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
एसएसपी ने बताया कि मृतक जितेंद्र मेहता की बड़ी बेटी और सोनू के बीच कई वर्षों से प्रेम संबंध था. दोनों ने वर्ष 2022 में भागकर कोर्ट मैरिज भी कर ली थी, लेकिन बाद में लड़की अपने पिता के पास लौट आई थी. वकील जितेंद्र मेहता इस रिश्ते के खिलाफ थे, जिससे नाराज़ होकर सोनू ने उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश रची. पुलिस के अनुसार, सोनू ने हत्या की योजना तीन दिन पहले बनाई और अपने दो साथियों आकाश उर्फ कल्लू और मोहम्मद अली के माध्यम से शूटरों की व्यवस्था की. शूटर आदित्य और निरंजन कुमार को 10 हजार रुपये एडवांस दिए गए और घटना के बाद बाकी रकम देने का वादा किया गया.
बीते रविवार, 13 जुलाई को वकील जितेंद्र मेहता रोज की तरह दोपहर में अपने घर से चाय पीने निकले थे. अशोक राजपथ पर बाइक सवार शूटरों ने उन पर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं. जितेंद्र को तीन गोलियां लगीं. उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. पुलिस ने आरोपियों के पास से एक पिस्टल, दो मैगजीन और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए हैं. साथ ही वारदात में प्रयुक्त बाइक भी जब्त की गई, जो चोरी की थी. हत्या की इस घटना के बाद पटना सिविल कोर्ट के वकीलों में जबरदस्त आक्रोश फैल गया और उन्होंने सोमवार को कार्य का बहिष्कार किया.
मुख्य आरोपी सोनू पटना के सुल्तानगंज थाना क्षेत्र का निवासी है और पेशे से एसी मैकेनिक है. वह पहले से शादीशुदा है और उसके अपनी पहली पत्नी से बच्चे भी हैं. इसके बावजूद वह जितेंद्र मेहता की बेटी से प्रेम संबंध में था. लड़की वर्तमान में बीएड की पढ़ाई कर रही है. पुलिस ने इस मामले में धर्म परिवर्तन की किसी भी बात से इनकार किया है. एसएसपी ने स्पष्ट किया कि दोनों ने तीन साल पहले आपसी सहमति से शादी की थी.
एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि अब तक की जांच में मृतक की बेटी की किसी भी तरह की संलिप्तता सामने नहीं आई है. उन्होंने कहा कि मामले की गहराई से जांच जारी है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. पुलिस जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि यह हत्या एकतरफा प्रेम और पारिवारिक विरोध के चलते की गई. आरोपी सोनू अपने प्रेम संबंध को लेकर जितेंद्र मेहता की नाराज़गी से परेशान था और उसने उन्हें जान से मारने का फैसला ले लिया. एक सुनियोजित साजिश के तहत शूटर हायर किए गए और दिनदहाड़े हत्या को अंजाम दिया गया.
यह घटना न केवल एक जघन्य अपराध को उजागर करती है, बल्कि पारिवारिक और सामाजिक स्तर पर बढ़ते तनाव और अपराध की गंभीरता को भी दर्शाती है. पुलिस की तत्परता से इस केस का शीघ्र खुलासा जरूर हुआ है, लेकिन सवाल यह भी उठता है कि कैसे एक प्रेम प्रसंग हत्या जैसे अपराध में बदल गया.



