Trending News: भारत में युवाओं का एक ऑनलाइन व्यंग्यात्मक राजनीतिक आंदोलन है, जिसकी शुरुआत मई 2026 में अभिजीत दिपके नामक युवा ने की थी.
इसकी शुरुआत सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की एक टिप्पणी के बाद हुई. यह आंदोलन उन बेरोजगार और हताश युवाओं की आवाज बनने का दावा करता है जो लंबे समय से रोजगार के अवसरों की कमी का सामना कर रहे हैं
लॉन्च होने के महज कुछ ही दिनों के भीतर, इस आंदोलन ने इंस्टाग्राम पर 9.3 मिलियन (93 लाख) से अधिक फॉलोअर्स बना लिए.
इस प्लेटफॉर्म पर फॉलोअर्स के मामले में इसने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के आधिकारिक अकाउंट को भी पीछे छोड़ दिया था.
संस्थापक: अभिजीत दिपके (Abhijeet Dipke)
आधिकारिक नारा: ‘आलसी और बेरोजगारों की आवाज़’
वैचारिक आधार: इसे कॉकरोच (तिलचट्टे) की तरह लचीला और कभी न खत्म होने वाला माना जाता है, जो हर बार कुचले जाने के बाद फिर से वापस उठ खड़ा होता है.

सीजेआई की टिप्पणी के बाद मूवमेंट
अभिजीत दीपके ने कहा कि “मैंने इसे बेहद हास्यास्पद समझा क्योंकि सीजेआई को देश के संविधान का संरक्षक माना जाता है. वो संविधान जो हर किसी को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की आज़ादी देता है. अब एक ऐसा शख़्स जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करने के लिए वो कैसे युवाओं की तुलना कॉकरोच और परजीवियों से कर सकता है.”



