New Delhi: मालेगांव ब्लास्ट केस में सभी सात आरोपियों के बरी होने के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि आतंकवाद किसी भी रंग का हो, वह सिर्फ आतंकवाद होता है, और उसमें कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए.
मीडिया से बातचीत में संत अविमुक्तेश्वरानंद महाराज ने कहा, “आतंकवादी तो आतंकवादी होता है. क्या भगवा आतंकवादी होगा तो आप उसकी पूजा करोगे?” उन्होंने यह सवाल उठाकर आतंकवाद के मामलों में राजनीतिक और सांप्रदायिक रंग देखने की प्रवृत्ति पर गहरी चिंता जताई.
उन्होंने आगे कहा, “जब आतंकी घटनाओं के पीछे दोषियों को पकड़ने की बात आती है, तो सरकारें अपनी नाकामियां छुपाती हैं और आतंकवाद में रंग ढूंढने लगती हैं. रंग जीवन का होता है, मौत के बाद कोई रंग नहीं दिखता. जो लोग आतंकवाद में रंग देखते हैं, वे असल में आतंकवाद को समर्थन दे रहे हैं.”
संत ने मालेगांव ब्लास्ट मामले में जांच एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा, “ब्लास्ट अपने आप तो नहीं हुआ होगा. इसमें कोई न कोई तो रहा होगा. उसे खोजने में केंद्र और राज्य सरकारें नाकाम रही हैं. यह हमारी व्यवस्था की असफलता का प्रतीक है.”
गौरतलब है कि 2008 में मालेगांव में हुए बम धमाके में 6 लोगों की मौत हुई थी. इस मामले में करीब 17 साल तक मुकदमा चला और तीन अलग-अलग चार्जशीट दाखिल की गईं थीं. 31 जुलाई 2025 को कोर्ट ने सभी 7 आरोपियों को बरी कर दिया.



