Lucknow: इटावा के दांदरपुर गांव में कथावाचक के साथ हुई मारपीट और उसके बाद उपजे जातीय तनाव को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए इटावा पुलिस से जांच वापस लेकर झांसी पुलिस को सौंप दी गई है. कथावाचक मुकुट मणि यादव और संत सिंह यादव के साथ मारपीट, उनका सिर मुड़वाने और नाक रगड़वाने जैसी घटनाओं के साथ ही यजमान की ओर से कथावाचक पर कथित रूप से जाति छिपाकर कथा कहने और दो आधार कार्ड रखने के आरोपों की भी अब झांसी पुलिस जांच करेगी.
इस पूरे घटनाक्रम से आक्रोशित होकर इंडियन रिफार्म्स ऑर्गनाइजेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गगन यादव ने 26 जून को विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था. इसके चलते 27 जून को आसपास के कई जिलों से यादव समाज के लोग बकेवर थाने पहुंचे और आगरा-कानपुर हाईवे पर जाम लगाकर नारेबाजी की. बाद में प्रदर्शनकारी दांदरपुर गांव पहुंचे, जहां उन्होंने पुलिस पर पथराव किया और एक पुलिस जीप के शीशे तोड़ दिए.
स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठियां पटकनी पड़ीं और दो राउंड हवाई फायरिंग भी करनी पड़ी. घटनास्थल से 19 लोगों को मौके पर ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया, जिनमें एक कॉलेज के प्रधानाचार्य और तीन शिक्षक भी शामिल हैं. पुलिस ने बकेवर थाना प्रभारी भूपेंद्र राठी की तहरीर पर गगन यादव समेत 20 नामजद और 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है.
विवाद के मुख्य सूत्रधार माने जा रहे गगन यादव फिलहाल फरार हैं. पुलिस उनकी तलाश में दबिश दे रही है. साथ ही घटना स्थल पर मौजूद लोगों की पहचान के लिए वीडियो फुटेज और फोटो का विश्लेषण कर रही है ताकि अन्य अज्ञात उपद्रवियों की भी पहचान की जा सके. प्रशासन अब पूरे मामले को जातीय तनाव की बजाय कानून व्यवस्था के उल्लंघन के रूप में सख्ती से निपटाने के मूड में है.



