Moscow: रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र कामचटका प्रायद्वीप में बुधवार को 8.8 तीव्रता का भूकंप आया, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई. जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, भूकंप के कुछ ही समय बाद लगभग 30 सेंटीमीटर ऊंची सुनामी लहर जापान के होक्काइडो द्वीप के पूर्वी तट स्थित नेमुरो तक पहुंच गई. वहीं, रूस के कुरील द्वीप समूह की मुख्य बस्ती सेवेरो-कुरीलस्क में भी सुनामी की लहरों ने तटीय क्षेत्र को चपेट में लिया है.
रूस के स्थानीय गवर्नर वालेरी लिमारेंको ने बताया कि सभी निवासी सुरक्षित हैं और खतरे के टलने तक उन्हें ऊंचे इलाकों में रहने की सलाह दी गई है. प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र ने हवाई, जापान, चिली और सोलोमन द्वीप समूह के तटीय इलाकों में 1 से 3 मीटर तक ऊंची लहरों की आशंका जताई है, जबकि रूस और इक्वाडोर के कुछ क्षेत्रों में लहरें 3 मीटर से भी ऊंची हो सकती हैं.
भूकंप के झटके रूस के पेत्रोपावलोव्स्क-कामचत्स्की शहर में महसूस किए गए, जहां लोग भय के कारण बिना जूते और कपड़ों के ही घरों से बाहर निकल आए. घरों में अलमारियां गिर गईं, शीशे टूट गए और कारें तक हिलने लगीं. कामचटका की राजधानी में बिजली गुल हो गई और मोबाइल सेवा भी ठप हो गई.
इस प्राकृतिक आपदा के बाद अमेरिका के अलास्का में भी सुनामी की चेतावनी जारी की गई है. राष्ट्रीय सुनामी चेतावनी केंद्र ने अलास्का के अल्यूशियन द्वीप समूह, कैलिफोर्निया, ओरेगन, वाशिंगटन और हवाई के लिए भी सतर्कता बरतने की सलाह दी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि रूस में आए 8.8 तीव्रता के भूकंप के बाद अमेरिका के प्रशांत तट को भी खतरा है.
1952 के बाद यह कामचटका में अब तक का सबसे शक्तिशाली भूकंप बताया जा रहा है. उस समय आए 9.0 तीव्रता के भूकंप से भारी तबाही हुई थी. इससे पहले जुलाई में भी कामचटका के पास समुद्र में पांच भूकंप आए थे, जिनमें से सबसे शक्तिशाली 7.4 तीव्रता का था. वर्तमान स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है.



