छांगुर बाबा: देश के 579 जिलों में फैला रखा था धर्मांतरण का नेटवर्क

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Lucknow: उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है, जिसका मास्टरमाइंड छांगुर बताया जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि इस साजिश को विदेशी फंडिंग नेटवर्क के जरिए संचालित किया गया और बलरामपुर समेत कई जिलों में इसकी गहरी पैठ थी. छांगुर ने गैर सरकारी संगठनों, ट्रस्टों और निजी खातों के माध्यम से करोड़ों रुपये की संपत्तियां खरीदीं और धर्मांतरण की साजिश को कानूनी आवरण देने के लिए चार संस्थाएं खड़ी कीं.

ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) अब छांगुर के बैंक खातों, संपत्तियों और आयकर रिटर्न की गहन जांच कर रही है. उसके जिन खातों की पहचान हुई है, उनमें एनजीओ, ट्रस्ट और निजी बैंक खाते शामिल हैं. इन खातों से जुड़े लोगों और संस्थाओं को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है.

छांगुर ने पूरे देश के 579 जिलों की पहचान करवाई थी, जहां हिंदू बहुसंख्यक हैं. इन क्षेत्रों में हिंदू युवतियों को प्रेमजाल में फंसाकर धर्मांतरण कराने की व्यापक साजिश रची गई. इसके लिए छांगुर ने करीब 3,000 युवाओं की एक फौज तैयार की, जिन्हें विभिन्न राज्यों – जैसे महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक, बिहार और पश्चिम बंगाल – में सक्रिय किया गया.

छांगुर का सपना था कि उसका बेटा महबूब दुनिया का सबसे अमीर व्यक्ति बने. इसके लिए उसने धर्मांतरण से कमाई करने, प्रॉपर्टी में निवेश और अवैध फंडिंग की योजनाएं बनाई थीं. वह महबूब को अपने नेटवर्क का अगला मुखिया बनाना चाहता था.

छांगुर की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों ने उसकी टीम के खास सिपहसालारों पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. आजमगढ़, मधपुर और रेहरा माफी गांव में छांगुर के सहयोगियों की तलाश की जा रही है, जो अब भी उसकी मदद में सक्रिय हैं और पुलिस की कार्रवाई पर नजर रखे हुए हैं.

जांच में यह भी सामने आया है कि छांगुर ने 1,000 मुस्लिम युवकों को प्रेमजाल में फंसाने के मिशन पर लगाया था और उन्हें पैसे देकर हिंदू लड़कियों को निशाना बनाने के निर्देश दिए थे. नेपाल सीमा से सटे सात जिलों को विशेष रूप से टारगेट किया गया.

छांगुर की सबसे करीबी सहयोगी नीतू रोहरा उर्फ नसरीन के बैंक खाते में चार महीने में 14 करोड़ रुपये जमा हुए, जिन्हें तुरंत निकाल लिया गया. वहीं उसके पति नवीन उर्फ जलालुद्दीन के खातों में भी 18 करोड़ रुपये की संदिग्ध रकम जमा कराई गई. यह पूरा नेटवर्क अब ईडी और एटीएस की जांच के घेरे में है, और कार्रवाई लगातार तेज की जा रही है.

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