New Delhi: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत की अर्थव्यवस्था को “डेड इकॉनमी” बताने वाली विवादित टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए संयमित रुख अपनाया है. उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक और रणनीतिक संबंधों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए.
थरूर ने कहा, “मैं अपने पार्टी नेता की बातों पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता. ऐसा कहने के पीछे उनकी अपनी वजह है. मेरी चिंता इस बात को लेकर ज्यादा है कि रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी के तौर पर अमेरिका के साथ हमारे रिश्ते हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं.”
कांग्रेस सांसद ने कहा कि भारत को अमेरिका के साथ अपने मजबूत व्यापारिक संबंधों की रक्षा करनी चाहिए. उन्होंने बताया कि अमेरिका भारत का सबसे बड़ा निर्यात बाजार है, जहां हर साल लगभग 90 अरब डॉलर का भारतीय माल जाता है. उन्होंने कहा, “कुछ लोग कहते हैं कि यह हमारी जीडीपी का केवल 2 प्रतिशत है, लेकिन हमारे निर्यात के प्रतिशत के संदर्भ में, अमेरिका हमारे सबसे बड़े बाजारों में से एक है. हम ऐसी स्थिति में नहीं हो सकते जहां हम इसे खो दें या इसमें उल्लेखनीय कमी आ जाए.”
टैरिफ के मुद्दे पर थरूर ने भारत के व्यापार वार्ताकारों का समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें भारत के हित में उचित समझौता करने की शक्ति और साहस दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, “हमें अपने माल के निर्यात के लिए अन्य क्षेत्रों से भी बात करनी चाहिए. तब हम अमेरिका में जो कुछ खो सकते हैं, उसकी कुछ भरपाई कर सकते हैं.”
डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में भारतीय वस्तुओं पर 25 प्रतिशत के नए टैरिफ की घोषणा की थी और भारत की अर्थव्यवस्था को “डेड इकॉनमी” बताया था. इस बयान को लेकर भारत में तीव्र प्रतिक्रियाएं आई हैं और इसे दोनों देशों के बीच व्यापार तनाव की वृद्धि के रूप में देखा जा रहा है.
थरूर का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत को अपने वैश्विक व्यापार सहयोगियों के साथ संतुलन साधने की आवश्यकता है. उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें अमेरिका के साथ मजबूत संबंध बनाए रखने चाहिए, लेकिन अन्य बाजारों की ओर भी रुख करना चाहिए ताकि व्यापार में विविधता लाई जा सके.



