New Delhi: किडनी, जो राजमा के आकार की होती है, हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है. यह न केवल खून को छानती है, बल्कि शरीर से विषैले पदार्थ, अतिरिक्त पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स को संतुलित रखती है. साथ ही, ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने और रेड ब्लड सेल्स के निर्माण में भी इसका अहम योगदान होता है. लेकिन खराब जीवनशैली, अनुचित खानपान और कुछ बीमारियां किडनी को चुपचाप नुकसान पहुंचा सकती हैं.
डायबिटीज: किडनी की सबसे बड़ी दुश्मन
डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जो केवल शुगर तक सीमित नहीं है. लंबे समय तक अगर शुगर नियंत्रित न रहे तो किडनी के फिल्टर (नेफ्रॉन्स) को नुकसान पहुंचता है. इससे पेशाब में प्रोटीन निकलने लगता है, जिसे प्रोटीनुरिया कहा जाता है. यह संकेत है कि किडनी कमजोर हो रही है. करीब 40 प्रतिशत डायबिटीज मरीजों को किडनी संबंधी समस्या हो जाती है. शुगर का नियमित परीक्षण, हेल्दी डाइट, एक्सरसाइज और समय-समय पर किडनी की जांच इस खतरे से बचा सकते हैं.
हाई ब्लड प्रेशर: खामोशी से किडनी को करता है फेल
ब्लड प्रेशर बढ़ने से किडनी की नाजुक रक्त वाहिकाएं प्रभावित होती हैं, जिससे फिल्ट्रेशन प्रक्रिया बिगड़ती है. समय के साथ यह स्थिति क्रोनिक किडनी डिजीज या फेलियर का कारण बन सकती है. ब्लड प्रेशर की नियमित जांच, कम नमक का सेवन, तनाव नियंत्रण और डॉक्टर की सलाह से दवाइयां लेना इससे बचाव के लिए जरूरी हैं.
अन्य कारण जो किडनी को नुकसान पहुंचाते हैं
किडनी को प्रभावित करने वाले अन्य कारणों में संक्रमण, सूजन (जैसे ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस), अनुवांशिक रोग (जैसे पॉलीसिस्टिक किडनी), बार-बार यूटीआई, पथरी, अधिक दवाओं का सेवन, पेशाब में रुकावट, इम्यून सिस्टम की गड़बड़ी और मोटापा शामिल हैं.
कैसे रखें किडनी को स्वस्थ
नियमित ब्लड प्रेशर और शुगर की जांच कराएं
संतुलित आहार लें, नमक और तले-भुने खाद्य पदार्थों से बचें
पर्याप्त पानी पिएं, लेकिन अति न करें
बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं न लें
तनाव से दूर रहें और नियमित व्यायाम करें
किडनी की समस्याओं को नजरअंदाज न करें. समय रहते जांच और इलाज से बड़ी बीमारी से बचा जा सकता है.



