Ranchi : झारखंड विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विस्थापन और पुनर्वास का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। विधायक नवीन जायसवाल ने रांची जिले के स्थापित गांव खुटियानी तिरिल समेत कई ऐसे गांवों का मामला सदन में उठाया, जो वर्षों से विस्थापन की समस्या झेल रहे हैं.
विधायक ने कहा कि इन गांवों के विस्थापित परिवारों के लिए करीब छह वर्ष पहले ही मकान बनाकर तैयार कर दिए गए थे, लेकिन आज तक इन लोगों का पुनर्वास नहीं हो पाया है. उन्होंने सरकार से पूछा कि जब आवास तैयार हैं, तो फिर विस्थापितों को अब तक बसाया क्यों नहीं गया.
इस पर जवाब देते हुए संबंधित विभाग के मंत्री सोनू ने बताया कि पहले एक निजी कंपनी के माध्यम से विस्थापितों का सत्यापन कराया गया था. हालांकि सरकार अब नए सिरे से इन विस्थापित परिवारों का सत्यापन करा रही है.
मंत्री ने कहा कि सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द ही विस्थापित परिवारों का पुनर्वास किया जाएगा। इसके लिए उन्होंने सदन से कुछ समय देने की मांग की.
मामले को लेकर सदन में विस्थापन और पुनर्वास की प्रक्रिया में हो रही देरी पर चर्चा भी हुई, जहां कई सदस्यों ने प्रभावित लोगों को जल्द राहत देने की आवश्यकता पर जोर दिया.



