Jhar Media: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान गुरुवार (23 अप्रैल) को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया। इस चरण में राज्य की कुल 294 सीटों में से 152 सीटों पर वोट डाले गए। चुनाव आयोग के अनुसार, इस चरण में लगभग 91.46 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो कि रिकॉर्ड स्तर का माना जा रहा है।
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भारी मतदान के बाद राज्य की सियासत गरमा गई है। प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और दावों का दौर तेज हो गया है।
भारतीय जनता पार्टी ने उच्च मतदान प्रतिशत को “परिवर्तन की लहर” करार देते हुए दावा किया है कि जनता राज्य में सत्ता परिवर्तन के लिए उत्साहित है। पार्टी नेताओं का कहना है कि इस बार मतदाता बदलाव के पक्ष में खुलकर सामने आए हैं।
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वहीं, सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस ने इस भारी मतदान को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विकास कार्यों पर जनता की मुहर बताया है। टीएमसी नेताओं का कहना है कि राज्य की जनता ने सरकार के कामकाज पर भरोसा जताया है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, पहले चरण में रिकॉर्ड मतदान ने चुनाव को और अधिक रोचक बना दिया है। अब सभी की नजरें अगले चरणों और अंतिम परिणाम पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि बंगाल की सत्ता किसके हाथ में जाएगी।



