Chatarpur: छतरपुर (मध्यप्रदेश) में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हाल ही में चर्चा में आए छांगुर बाबा प्रकरण पर बड़ा और तीखा बयान दिया. उन्होंने धर्म की आड़ में हो रहे शोषण और फर्जी बाबाओं की गतिविधियों पर खुलकर नाराज़गी जाहिर की और इसे न केवल समाज के लिए, बल्कि हिंदू धर्म की गरिमा के लिए भी गंभीर खतरा बताया.
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि कुछ कथित बाबा धर्म का मुखौटा पहनकर महिलाओं और समाज का शोषण कर रहे हैं, जो निंदनीय, शर्मनाक और चिंताजनक है. उन्होंने स्पष्ट आरोप लगाया कि छांगुर बाबा ने करीब 3000 हिंदुओं का जबरन या बहला-फुसलाकर धर्मांतरण कराया और उन्हें टोपी पहनाकर दूसरी राह पर ले गए. इस कृत्य को उन्होंने “टोपीबाजी” करार देते हुए इसे एक सुनियोजित षड्यंत्र बताया.
शास्त्री ने कहा, “हमें बाबाओं से दिक्कत नहीं है, हमें आपसे दिक्कत है, अगर आप सही और गलत में फर्क नहीं कर पा रहे हैं.” उन्होंने जनता से सीधा संवाद करते हुए कहा कि अगर लोग आंख मूंदकर ढोंगी बाबाओं का समर्थन करते रहेंगे, तो वे खुद भी उसी गंदी मानसिकता और भ्रष्ट विचारधारा के हिस्सेदार बन जाएंगे.
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जो व्यक्ति किसी नकली बाबा के संरक्षण में जाता है, वह केवल अपना ही नहीं, बल्कि अपने धर्म, आस्था और संत परंपरा का भी नुकसान करता है. धर्म की रक्षा केवल भाषणों या भक्ति के दिखावे से नहीं, बल्कि विवेकपूर्ण आचरण और सच्चे मार्ग पर चलने से होती है.
धीरेंद्र शास्त्री ने अंत में लोगों से अपील की कि वे हर बाबा या साधु के पीछे आंख मूंदकर न भागें. उन्होंने कहा, “तुम बाबाओं के चक्कर में मत पड़ो, बालाजी के चक्कर में पड़ो.” उनका संकेत साफ था कि असली श्रद्धा केवल परमात्मा के प्रति होनी चाहिए, न कि किसी दिखावटी या स्वार्थी व्यक्ति के प्रति.



