Jhar Media: कर्तव्य पथ पर आज आयोजित 77वीं गणतंत्र दिवस परेड के दौरान केंद्रीय गृह मंत्रालय की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र होगी। इस झांकी की थीम ‘दंड से न्याय की ओर’ रखी गई है, जो भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली में आए ऐतिहासिक परिवर्तन को दर्शाती है। झांकी के माध्यम से उन तीन नए कानूनों की झलक प्रस्तुत की जाएगी, जिन्हें अंग्रेजों के समय से चले आ रहे पुराने कानूनों के स्थान पर लागू किया गया है। ये तीनों कानून पूरे देश में 1 जुलाई 2024 से प्रभावी हो चुके हैं।

इस झांकी का उद्देश्य यह दिखाना है कि भारत अब औपनिवेशिक सोच से आगे बढ़कर न्याय-केंद्रित, पीड़ित-केंद्रित और नागरिक-अनुकूल कानून व्यवस्था की ओर अग्रसर है। पुराने कानूनों में दंड पर अधिक जोर दिया जाता था, जबकि नए कानूनों में त्वरित न्याय, पीड़ितों के अधिकारों की रक्षा, तकनीक का उपयोग और पारदर्शिता को प्राथमिकता दी गई है। झांकी में आधुनिक भारत की न्याय प्रणाली को प्रतीकात्मक रूप से दर्शाया जाएगा, जिसमें डिजिटल साक्ष्य, फॉरेंसिक विज्ञान और समयबद्ध न्याय प्रक्रिया को प्रमुखता से दिखाया जाएगा।
केंद्रीय गृह मंत्रालय की यह झांकी यह भी संदेश देती है कि स्वतंत्र भारत अपनी आवश्यकताओं, सामाजिक मूल्यों और संवैधानिक भावना के अनुरूप कानून बनाने में सक्षम है। यह बदलाव केवल कानूनी नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन का भी प्रतीक है, जो नागरिकों में न्याय के प्रति विश्वास को मजबूत करता है। झांकी के दृश्य यह स्पष्ट करेंगे कि नए कानूनों का लक्ष्य अपराधियों को केवल दंडित करना नहीं, बल्कि न्याय सुनिश्चित करना और समाज में विश्वास बहाल करना है।
कुल मिलाकर, यह झांकी नए भारत की सोच, आत्मनिर्भर कानून व्यवस्था और न्यायपूर्ण समाज के निर्माण की दिशा में उठाए गए एक महत्वपूर्ण कदम को दर्शाती है। गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर इसका प्रदर्शन देशवासियों के लिए गर्व और जागरूकता दोनों का कारण बनेगा।
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