Lucknow: धर्मांतरण के मामलों में चर्चित जमालुद्दीन उर्फ छांगुर गैंग की जड़ें अब बहराइच जिले तक फैलती नजर आ रही हैं. ताजा मामला जिले के एक ब्राह्मण परिवार की 22 वर्षीय युवती से जुड़ा है, जिसे आरोपियों ने ‘लव ट्रैप’ में फंसाकर पहले भगाया, फिर जबरन धर्म परिवर्तन करवाकर मुस्लिम बना दिया और उसका निकाह करा दिया गया. युवती अब तैयबा खान के नाम से जानी जा रही है.
परिवार वालों का आरोप है कि यह सब सुनियोजित साजिश का हिस्सा है, जिसमें छांगुर गैंग के सदस्य सक्रिय थे. पीड़िता की मां ने रोते हुए बताया कि उनकी बेटी का ऐसा ब्रेनवॉश किया गया कि पूरा परिवार उसे समझाने में लगा रहा, लेकिन वह नहीं मानी. युवती के बाबा तक उसके पैरों में गिर पड़े, पर उसने परिवार की एक न सुनी.
युवती के भाई के अनुसार, उसकी बहन को 3 मई को बगल की मुस्लिम बस्ती का रहने वाला तारिक नामक युवक बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया. इसके बाद बाराबंकी के देवा शरीफ की एक मस्जिद में उसका धर्मांतरण कराया गया और नाम बदलकर तैयबा खान रख दिया गया. बाद में तारिक ने उसके साथ निकाह पढ़ा.
इस पूरे घटनाक्रम की एफआईआर दर्ज की गई, और पुलिस ने मुख्य आरोपी तारिक, अनस व रईस को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, लेकिन तीनों अब जमानत पर छूट चुके हैं. युवती ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि वह अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन कर चुकी है और अब तैयबा बन चुकी है. न्यायालय ने युवती के बालिग होने के कारण उसे अयोध्या नारी निकेतन से मुक्त कर उसकी इच्छा के अनुसार किसी भी स्थान पर रहने की अनुमति दे दी.
परिजन का आरोप है कि यह कोई अकेला मामला नहीं है, बल्कि एक संगठित धर्मांतरण रैकेट काम कर रहा है, जिसमें करीब 11 लोग शामिल हैं. यह गिरोह बहराइच समेत गोंडा, बलरामपुर और बाराबंकी जिलों में सक्रिय है. युवती के भाई का कहना है कि इस ‘लव ट्रैप’ गैंग में अनस और जीशान नाम के युवक मुख्य भूमिका में हैं. अनस को पहले भी इसी तरह के मामलों में गिरफ्तार किया जा चुका है.
गैंग का तरीका बेहद चालाकी भरा है — ये लोग हिंदू लड़कों की फर्जी आईडी बनाकर लड़कियों से दोस्ती करते हैं, फिर उन्हें अपने प्रेमजाल में फंसाकर देवा शरीफ जैसी जगहों पर ले जाकर धर्म परिवर्तन कराते हैं. बताया गया है कि इस नेटवर्क में एक मौलवी भी शामिल है, जो इस पूरे षड्यंत्र में धार्मिक कवर देता है.
परिजन को इस बात की आशंका है कि युवती को कहीं बेच दिया गया है या कुछ समय बाद उसके साथ कोई अनहोनी हो सकती है. इसलिए उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि छांगुर गैंग के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो और इस तरह के रैकेट पर पूरी तरह से रोक लगे, जिससे भविष्य में कोई और हिंदू बेटी इस जाल में न फंसे. पुलिस की जांच जारी है, लेकिन परिजनों को तब तक चैन नहीं जब तक इस गैंग का पूरी तरह से पर्दाफाश न हो जाए.



