Lucknow: उत्तरप्रदेश के बलरामपुर से धर्मांतरण और कथित ‘लव जिहाद’ से जुड़े एक अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है. इस मामले में एटीएस ने मुख्य आरोपी जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा और उसकी सहयोगी नसरीन उर्फ नीतू नवीन रोहरा को गिरफ्तार किया है. एटीएस की जांच में सामने आया कि दोनों पिछले 70 दिनों से लखनऊ के विकासनगर स्थित ‘स्टार रूम्स’ होटल में पति-पत्नी बनकर रह रहे थे और वहीं से धर्मांतरण रैकेट का संचालन कर रहे थे. शुरुआत में उन्होंने चार दिन के लिए कमरा नंबर 102 बुक किया, फिर कमरा नंबर 104 में लगातार 70 दिन तक ठहरे.
छांगुर बाबा और नसरीन कमजोर आर्थिक व मानसिक स्थिति वाले युवाओं और परिवारों को निशाना बनाकर उन्हें इस्लाम धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे थे. जांच में पता चला है कि बाबा के खातों में लगभग 100 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन हुए हैं, जिनमें 14 करोड़ रुपये की विदेशी फंडिंग भी शामिल है. यह फंड विदेशी धार्मिक संगठनों से आया था और प्रचार सामग्री, कन्वर्जन गतिविधियों तथा होटल खर्चों पर खर्च किया जा रहा था.
एटीएस को बाबा के पास से ‘शिजर-ए-तैय्यबा’ नामक विवादित किताब भी मिली है, जिसे वह खुद छपवाता था. इसी किताब के जरिए युवाओं को ब्रेनवॉश किया जाता था, विशेषकर हिंदू लड़कियों से विवाह कर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जाता था. अब तक इस रैकेट से जुड़े लोगों की लगभग 40 बार इस्लामिक देशों की यात्राएं सामने आई हैं.
बलरामपुर के उतरौला क्षेत्र में स्थित छांगुर बाबा की आलीशान कोठी पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की है. सोमवार को कोठी पर अतिक्रमण हटाने का नोटिस चिपकाया गया था, जिसमें सात दिन के भीतर अवैध निर्माण हटाने की चेतावनी दी गई थी. मंगलवार को प्रशासन ने भारी पुलिस बल के साथ पहुंचकर कोठी को ध्वस्त कर दिया.
खुलासा हुआ है कि छांगुर बाबा ने पहले नसरीन को प्रभावित कर उसका धर्म परिवर्तन कराया और बाद में उसे अपनी सहयोगी बना लिया. नसरीन ने अपने पूरे परिवार का भी धर्म बदलवाया. दोनों मिलकर इस रैकेट को बेहद गुप्त तरीके से चला रहे थे. विदेशी फंडिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने भी जांच शुरू कर दी है. एटीएस की कार्रवाई के बाद प्रदेशभर में ऐसे अन्य नेटवर्क की तलाश तेज कर दी गई है.



