Mumbai: महाराष्ट्र में मराठी और हिंदी भाषा को लेकर छिड़ी बहस के बीच शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में वे स्पष्ट रूप से कहते हैं, “मैं महाराष्ट्र में मराठी हो सकता हूं, लेकिन भारत में मैं हिंदू हूं.” बाल ठाकरे का यह बयान उस वक्त फिर से चर्चा में आया है जब उनके बेटे उद्धव ठाकरे और भतीजे राज ठाकरे मराठी भाषा के मुद्दे पर एक मंच पर नजर आए हैं.
हाल ही में मुंबई में आयोजित “विजय रैली” में दोनों नेता एक साथ शामिल हुए. यह रैली महाराष्ट्र सरकार के उस फैसले के विरोध में थी, जिसमें प्राइमरी स्कूलों में हिंदी को डिफॉल्ट भाषा के रूप में लागू करने का आदेश दिया गया है. उद्धव और राज ठाकरे इस फैसले को मराठी अस्मिता पर हमला मानते हैं.
बाल ठाकरे के वायरल वीडियो में उनका यह कहना कि भाषाई पहचान महत्वपूर्ण है, लेकिन उससे ऊपर हिंदुत्व की पहचान को रखा जाना चाहिए – मौजूदा माहौल में एक नई बहस को जन्म दे रहा है. उनका यह बयान न केवल भाषाई मुद्दों पर उनकी सोच को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि वे राष्ट्रीय एकता को सांस्कृतिक पहचान से अधिक महत्व देते थे. यह वीडियो अब मराठी बनाम हिंदी विवाद के बीच एक विचारोत्तेजक सन्देश के रूप में देखा जा रहा है.



