Ranchi: महज 7 साल की उम्र में इशांक एक ऐसा साहसिक कारनामा करने जा रहे हैं, जो बड़े-बड़े तैराकों के लिए भी चुनौतीपूर्ण माना जाता है। उनका यह रोमांचक सफर 29 अप्रैल से शुरू होगा, जिसके लिए वे 22 अप्रैल को ही रामेश्वरम के लिए रवाना हो जाएंगे।
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योजना के अनुसार, 30 अप्रैल को पूरी टीम श्रीलंका के तल्लईमन्नार पहुंचेगी। वहां रात भर नाव में रुकने के बाद अगली सुबह इशांक समंदर में छलांग लगाएंगे। इसके बाद वे करीब 30 किलोमीटर लंबी, लहरों से भरी कठिन दूरी को तैरकर पार करेंगे और भारत के अंतिम छोर धनुषकोड़ी तक पहुंचेंगे।
यह अभियान न केवल शारीरिक सहनशक्ति की परीक्षा है, बल्कि मानसिक दृढ़ता का भी बड़ा उदाहरण होगा। इतनी कम उम्र में इस तरह का प्रयास इशांक को खास बनाता है।
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अपने इस मिशन को लेकर इशांक ने आत्मविश्वास से कहा, “मैं 7 साल का हूं और पिछले 10 घंटे 50 मिनट के रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हूं।”
अगर इशांक अपने लक्ष्य में सफल होते हैं, तो वे एक नया कीर्तिमान स्थापित करेंगे और देश के सबसे कम उम्र के साहसिक तैराकों में अपना नाम दर्ज कराएंगे।



