एयर इंडिया बोइंग-787 क्रैश: कैप्टन स्टीव ने बताए हादसे के तीन संभावित कारण

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New Delhi: 12 जून को गुजरात के अहमदाबाद में एयर इंडिया का एक बोइंग-787 विमान उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद क्रैश हो गया. इस दर्दनाक हादसे में केवल एक यात्री विश्वास ही जीवित बच पाया. भारत सरकार ने घटना की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय पैनल गठित किया है, जो तीन महीनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगा. इस बीच, अमेरिकी नेवी के पूर्व पायलट और नेविगेशन विशेषज्ञ कैप्टन स्टीव स्काइबनर ने क्रैश वीडियो का विश्लेषण करते हुए महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं.

RAT एक्टिवेशन और टेक्निकल फेल्योर की संभावना

कैप्टन स्टीव के अनुसार, वीडियो फुटेज में RAM Air Turbine (RAT) का एक्टिव होना स्पष्ट दिखाई देता है. RAT तब एक्टिव होती है जब विमान में पूरी तरह से बिजली या हाइड्रोलिक सिस्टम फेल हो जाता है. इसका मतलब यह है कि विमान को ऊर्जा की आपूर्ति के लिए इमरजेंसी टर्बाइन का सहारा लेना पड़ा, जो किसी गंभीर तकनीकी फेल्योर की ओर इशारा करता है.

संभावित कारण 1: दोनों इंजन का फेल होना

कैप्टन स्टीव ने सबसे पहली और सबसे संभावित वजह दोनों इंजन का एक साथ फेल होना बताया है. उनके अनुसार, यह इंजन फेल्योर किसी बड़े पक्षी समूह से टकराने की वजह से हुआ हो सकता है, जिससे विमान में “लिफ्ट लॉस” (Lift Loss) हो गया. लिफ्ट लॉस का मतलब है कि विमान के पंखों को हवा से पर्याप्त बल नहीं मिल पा रहा था, जिससे विमान ऊपर नहीं टिक सका और क्रैश हो गया.

संभावित कारण 2: इलेक्ट्रिकल फेल्योर

दूसरी संभावना इलेक्ट्रिकल फेल्योर की मानी जा रही है. यदि विमान का मुख्य बिजली आपूर्ति सिस्टम बंद हो जाए, तो इंजन, कंट्रोल सिस्टम और कम्युनिकेशन पर असर पड़ता है. RAT का एक्टिव होना इस फेल्योर की पुष्टि करता है, जिससे यह संदेह गहरा होता है.

संभावित कारण 3: पायलट की मानवीय गलती

तीसरी संभावना पायलट की मानवीय गलती मानी गई है. टेकऑफ के तुरंत बाद जब को-पायलट “Gear Up” की कमांड सुनता है, तो हो सकता है कि उसने गलती से गियर के बजाय फ्लैप्स का हैंडल खींच दिया हो. फ्लैप्स विमान को हवा में स्थिर बनाए रखने में मदद करते हैं. उनके हटते ही विमान असंतुलित हो सकता है. कैप्टन स्टीव की विशेषज्ञ राय के अनुसार, सबसे संभावित कारण दोनों इंजन का फेल होना प्रतीत होता है. हालांकि, भारत में जांच एजेंसियां अभी मामले की गहराई से जांच कर रही हैं. तीन महीनों के भीतर जांच रिपोर्ट सामने आने की उम्मीद है, जो इस दुखद घटना के पीछे की सच्चाई को उजागर करेगी.

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