Jhar Media: जमशेदपुर से अपहृत कारोबारी कैरव गांधी को जमशेदपुर पुलिस ने हजारीबाग–बिहार बॉर्डर से सकुशल बरामद कर लिया है। यह सफलता पुलिस की त्वरित कार्रवाई और सटीक सूचना तंत्र का परिणाम मानी जा रही है। जानकारी के अनुसार, अपहरणकर्ता कारोबारी कैरव गांधी को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ट्रांजिट कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली, जिसके आधार पर तत्काल कार्रवाई करते हुए सीमा क्षेत्र में घेराबंदी की गई और अपहरणकर्ताओं को धर दबोचा गया।
अपहरण कांड में बिहार का एक बड़ा संगठित गिरोह
बताया जा रहा है कि इस अपहरण कांड में बिहार का एक बड़ा संगठित गिरोह शामिल था, जो पहले भी कई आपराधिक घटनाओं में संलिप्त रहा है। गिरोह का उद्देश्य फिरौती वसूलना था। हालांकि, इससे पहले कि वे अपनी योजना को अंजाम दे पाते, पुलिस ने समय रहते कार्रवाई कर कारोबारी को सुरक्षित मुक्त करा लिया। कैरव गांधी को प्राथमिक जांच और मेडिकल परीक्षण के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। उनकी हालत पूरी तरह सुरक्षित बताई जा रही है।
अपराधियों से पूछताछ
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनसे गिरोह के अन्य सदस्यों, ठिकानों तथा नेटवर्क के बारे में अहम जानकारियां मिल रही हैं। इस मामले में आगे की छापेमारी लगातार की जा रही है ताकि गिरोह के बाकी सदस्यों को भी जल्द गिरफ्तार किया जा सके। सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
इस सफल अभियान से शहर के व्यापारियों और आम जनता में राहत की भावना देखी जा रही है। पुलिस प्रशासन की इस तत्परता की सराहना की जा रही है, जिसने एक बड़ी वारदात को समय रहते नाकाम कर दिया। पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि अपराध पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके और समाज में सुरक्षा का माहौल बना रहे।





















































