Delhi: Election Commission of India ने बुधवार को 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। इन सीटों के लिए मतदान 16 मार्च को कराया जाएगा। जिन सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनकी जगह नए प्रतिनिधियों का चयन संबंधित राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य करेंगे। राज्यसभा चुनाव प्रत्यक्ष नहीं बल्कि अप्रत्यक्ष मतदान प्रणाली के तहत होते हैं, जिसमें विधायकों की भूमिका अहम होती है।
खाली हो रही 37 सीटों में से 12 सीटें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के पास हैं, जबकि 25 सीटों पर विपक्षी दलों का कब्जा है। ऐसे में यह चुनाव सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कई राज्यों में संख्या बल के आधार पर परिणाम लगभग तय माने जा रहे हैं, जबकि कुछ राज्यों में मुकाबला दिलचस्प हो सकता है।
बिहार में जिन प्रमुख सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें हरिवंश नारायण सिंह, उपेंद्र कुशवाहा, अमरेंद्र धारी सिंह, प्रेम चंद्र गुप्ता, रामनाथ ठाकुर और अजीत कुमार भुइयां शामिल हैं। इन सीटों को लेकर राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है। दलों के बीच उम्मीदवारों के चयन और समर्थन को लेकर बैठकों का दौर जारी है।
छत्तीसगढ़ में कवि तेजपाल सिंह और फुलो देवी नेताम की सीटें खाली हो रही हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र की 7, तमिलनाडु की 6 और पश्चिम बंगाल की 5 सीटों पर चुनाव होना है, जिससे इन राज्यों में भी राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ गई हैं।
राज्यसभा में संख्या संतुलन केंद्र सरकार के लिए विधेयकों को पारित कराने में अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में इन चुनावों के नतीजे संसद के ऊपरी सदन की राजनीतिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित होंगे।






















































