Patna: पटना में व्यवसायी गोपाल खेमका की हत्या मामले में पटना पुलिस ने एक बड़ा खुलासा किया है. इस मामले को लेकर पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीजीपी विनय कुमार, एडीजी ऑपरेशन कुंदन कृष्णन, आईजी जितेंद्र राणा और एसएसपी कार्तिके के शर्मा ने विस्तार से जानकारी दी. हत्या के पीछे जमीन विवाद और बांकीपुर क्लब की सदस्यता को लेकर आपसी रंजिश सामने आई है.
डीजीपी ने बताया कि हत्या की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया. तकनीकी जांच और सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस हत्यारे तक पहुंचने में सफल रही. घटनास्थल से भागने के बाद आरोपी उमेश यादव को चिन्हित किया गया, जिसकी मोटरसाइकिल, शर्ट, हेलमेट, मास्क आदि उसके घर से बरामद किए गए. पूछताछ में उमेश यादव ने हत्या की बात स्वीकार कर ली.
उमेश यादव ने खुलासा किया कि उसे यह हत्या करने के लिए चार लाख रुपये की सुपारी दी गई थी. इसमें से 50 हजार रुपये अग्रिम रूप में दिए गए और शेष राशि घटना के अगले दिन सुबह जेपी गंगापथ पर अशोक साव के माध्यम से दी गई. हत्या में प्रयुक्त हथियार—एक 9 एमएम पिस्टल, दो मैगजीन, 14 गोलियां और 7.62 एमएम के 56 कारतूस—भी उमेश के घर के प्रथम तल से बरामद हुए.
हत्या की साजिश करीब डेढ़ महीने पहले अशोक साव ने रची थी. अशोक और उमेश की मुलाकात एक शादी समारोह में हुई थी और तभी से अशोक उसे छोटे-मोटे कामों में लगाता था. पहले शूटर के जरिए हत्या कराने की योजना थी, लेकिन बाद में उमेश ने खुद ही हत्या कर पैसे हड़पने की योजना बनाई.
हत्या की रात उमेश यादव ने गोपाल खेमका की गतिविधियों पर नजर रखी और उनके अपार्टमेंट के बाहर पहुंचकर जैसे ही गोपाल खेमका अपनी कार से उतरे, गोली मारकर हत्या कर दी. इसके बाद वह अपने घर लौट गया और हथियार छिपा दिए. अगले दिन सुपारी की बाकी रकम और मोबाइल अशोक साव से लेकर वह अपने घर चला गया.
पुलिस ने अशोक साव को भी गिरफ्तार किया, जिसके पास से 6.5 लाख रुपये नगद, एक और पिस्टल, 17 कारतूस, जमीन से जुड़े दस्तावेज और अन्य सामान बरामद किए गए. पूछताछ में अशोक साव ने हत्या की वजह गोपाल खेमका से जमीन और क्लब सदस्यता को लेकर हुआ विवाद बताया.



