New Delhi: नई पीएमओ बिल्डिंग सेवा तीर्थ में मंगलवार को हुई पहली केंद्रीय कैबिनेट बैठक में एक अहम फैसला लिया गया। प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में हुई बैठक में केरल सरकार के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई, जिसमें राज्य का आधिकारिक नाम बदलकर ‘केरलम’ करने की मांग की गई थी।

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अप्रैल–मई में Kerala में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। इससे पहले 24 जून 2024 को केरल विधानसभा ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से राज्य का नाम औपचारिक रूप से ‘केरलम’ करने की अपील की थी।

दरअसल, मलयालम भाषा में राज्य को लंबे समय से ‘केरलम’ कहा जाता रहा है। ‘केरा’ का अर्थ नारियल का पेड़ और ‘अलम’ का अर्थ भूमि या स्थान होता है। इस प्रकार ‘केरलम’ का अर्थ हुआ ‘नारियल के पेड़ों की भूमि’। यह नाम राज्य की भौगोलिक और सांस्कृतिक पहचान को दर्शाता है, क्योंकि केरल नारियल उत्पादन और हरित प्राकृतिक संपदा के लिए प्रसिद्ध रहा है।

राज्य सरकार का मानना है कि स्थानीय भाषा के अनुरूप नामकरण से सांस्कृतिक अस्मिता को बल मिलेगा और क्षेत्रीय पहचान को औपचारिक मान्यता मिलेगी। अब केंद्र की मंजूरी के बाद इस नाम परिवर्तन से जुड़े संवैधानिक और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पूरा किया जाएगा।

 

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here