Jhar Media: मेरठ में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने अपने घर के पास गंदे नाले की सफाई करवाने के लिए पुलिस और प्रशासन को झूठी सूचना देकर सक्रिय कर दिया। महिला ने डायल 112 पर फोन कर बताया कि नाले में एक व्यक्ति गिर गया है और उसकी जान खतरे में है। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और नगर निगम की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं।
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। नाले में व्यक्ति की तलाश के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया गया। जेसीबी मशीनें लगाकर नाले की खुदाई और सफाई कराई गई। टीमों ने घंटों तक नाले के अलग-अलग हिस्सों की जांच की, लेकिन कहीं भी किसी व्यक्ति का कोई सुराग नहीं मिला। यह अभियान करीब 10 घंटे तक लगातार चलता रहा।
लंबे समय तक खोजबीन के बाद जब कोई व्यक्ति नहीं मिला तो पुलिस को सूचना पर संदेह हुआ। इसके बाद कॉल करने वाली महिला से सख्ती से पूछताछ की गई। जांच में खुलासा हुआ कि महिला ने जानबूझकर झूठी सूचना दी थी ताकि उसके घर के पास जाम और गंदगी से भरे नाले की सफाई हो सके। नाले से बदबू और गंदगी के कारण वह काफी समय से परेशान थी।
मामला सामने आने के बाद पुलिस और नगर निगम के अधिकारी भी हैरान रह गए। अधिकारियों का कहना है कि आपातकालीन सेवाओं को झूठी सूचना देना गंभीर अपराध है। इससे सरकारी संसाधनों और समय की बर्बादी होती है, साथ ही वास्तविक आपात स्थिति में मदद प्रभावित हो सकती है।
प्रशासन ने महिला के खिलाफ सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग और झूठी सूचना देने के आरोप में कानूनी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि आपातकालीन नंबरों का इस्तेमाल केवल वास्तविक जरूरत के समय ही करें।




















































