भारत मंडपम में गाला डिनर में शामिल हुए रूसी राष्ट्रपति पुतिन, पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक में शी जिनपिंग ने भारत-चीन सहयोग को आगे बढ़ाने की बात कही
New Delhi : BRICS Summit 2026 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक व्यवस्था में बड़े बदलाव की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने 10-सूत्री मसौदा पेश करते हुए कहा कि ब्रिक्स टकराव का नहीं, बल्कि सहयोग का मंच है। प्रधानमंत्री ने वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए सदस्य देशों के बीच आपसी सहयोग बढ़ाने और ग्लोबल साउथ की भागीदारी मजबूत करने की आवश्यकता बताई।
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UNSC सुधार और सुरक्षा सहयोग पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार की वकालत की। उन्होंने कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों के अनुरूप अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने ब्रिक्स सदस्य देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने पर भी जोर दिया।
पीएम मोदी के 10-सूत्री मसौदे का उद्देश्य वैश्विक व्यवस्था को अधिक समावेशी और सहयोगात्मक बनाने की दिशा में प्रयास करना है। इसमें विकासशील देशों की आवाज को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया।
पुतिन गाला डिनर में हुए शामिल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से वैश्विक नेताओं और प्रतिनिधियों के सम्मान में आयोजित गाला डिनर में शामिल होने के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत मंडपम पहुंचे। यह रात्रिभोज ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न देशों के शीर्ष नेताओं और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
शी जिनपिंग ने भारत-चीन सहयोग बढ़ाने की बात कही
प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत-चीन सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मौजूदा जटिल अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में दुनिया के दो सबसे अधिक आबादी वाले देशों और ग्लोबल साउथ के महत्वपूर्ण सदस्यों के रूप में भारत और चीन की बड़ी जिम्मेदारी है।
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शी जिनपिंग ने कहा कि दोनों देशों को अपने लोगों की भलाई और मानवता के भविष्य को ध्यान में रखते हुए ब्रिक्स के व्यापक ढांचे में उच्च गुणवत्ता वाले सहयोग को आगे बढ़ाना चाहिए।


