‘हनुमान अंश’ बनी ब्लॉकबस्टर, फिल्म की पूरी टीम ने आध्यात्म के साथ अपनाए कड़े नियम 

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Entetainment Desk: हनुमान अंश’ (Hanuman Ansh) बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हो चुकी है, जिसने अपने बेहद कम बजट के बावजूद ₹50 करोड़ से अधिक की बंपर कमाई कर फिल्म इंडस्ट्री को चौंका दिया है। ‘टॉक्सिक’ (Toxic) और ‘आवारापन 2’ (Awarapan 2) जैसी बड़े बजट की भारी-भरकम फिल्मों की चर्चा के बीच, इस छोटे बजट की आध्यात्मिक फिल्म ने महज ‘वर्ड ऑफ माउथ’ और दर्शकों की अगाध आस्था के दम पर सफलता का एक नया इतिहास रच दिया है।

फिल्म के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने बताया सफलता का राज 

फिल्म के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी (Vishal Chaturvedi) ने मीडिया इंटरव्यू में इस जादुई सफलता के पीछे का सबसे बड़ा राज सेट पर निभाई गई कड़ी ‘आध्यात्मिकता और पवित्रता’ को बताया है।

प्रेमानंद महाराज जी का आदेश और सेट पर कड़े नियमनिर्देशक विशाल चतुर्वेदी के अनुसार, फिल्म की शूटिंग शुरू होने से पहले फिल्म के प्रोड्यूसर विख्यात संत प्रेमानंद महाराज जी का आशीर्वाद लेने वृंदावन गए थे। उस दौरान महाराज जी ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्देश दिया था। उन्होंने कहा था कि फिल्म में जो भी मुख्य अभिनेता ‘बाबा’ (नीम करौली महाराज) का किरदार निभाएंगे, उन्हें अपने जीवन में पूरी तरह शाकाहारी रहना होगा और अपने आचरण को सदैव पवित्र रखना होगा।

पूर्ण शाकाहार और नशामुक्ति

सेट पर केवल शुद्ध शाकाहारी भोजन ही तैयार किया जाता था। शराब और मांसाहार के सेवन पर पूरी तरह से प्रतिबंध था।सकारात्मक माहौल: सेट पर किसी को भी अपशब्द (गाली-गलौज) बोलने, चिल्लाने, लड़ाई या आपस में बहस करने की सख्त मनाही थी।

हनुमान चालीसा से शुरुआत

हर दिन शूटिंग के काम की शुरुआत और समाप्ति पूरी टीम द्वारा सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करके की जाती थी।

अनोखा प्रमोशनल कैंपेन

बजट की कमी में आयोजित किए 8 बड़े भंडारेविशाल चतुर्वेदी ने एक और दिलचस्प वाकया साझा करते हुए बताया कि फिल्म के पारंपरिक प्रमोशन और बड़े विज्ञापनों के लिए उनके पास बजट नहीं था। इसके विकल्प के रूप में उन्होंने बाबा नीम करौली महाराज के संदेश और शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने का फैसला किया।इसके लिए मेकर्स ने 8 बड़े भंडारों (भोजन वितरण) का आयोजन किया। श्रद्धा भाव से किए गए ये भंडारे देखते ही देखते फिल्म का सबसे बड़ा और अनोखा प्रमोशनल कैंपेन बन गए, जिसने जनता को सीधे इस फिल्म से भावनात्मक रूप से जोड़ दिया।

₹1.80 करोड़ का बजट और ₹50 करोड़ पार बिजनेस

यह फिल्म महान संत बाबा नीम करौली महाराज के शुरुआती जीवन (लक्ष्मण दास से पूजनीय संत बनने तक के सफर) पर आधारित एक भक्ति ड्रामा है।

 

 

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