Ranchi : रविवार से ऑनलाइन कैब चालकों ने हड़ताल शुरू कर दी, जिससे आम लोगों की आवाजाही पर सीधा असर पड़ा। ओला, उबर और रैपिडो से जुड़े करीब 5,000 कैब चालक अपनी विभिन्न मांगों को लेकर काम पर नहीं उतरे। हड़ताल के कारण शहर के कई इलाकों में यात्रियों को कैब नहीं मिली, जबकि उपलब्ध कैब का इंतजार भी लंबा रहा।
चालकों का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में उन्हें मिलने वाला किराया और कमीशन उनकी आय के अनुरूप नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि बढ़ती ईंधन कीमतों और वाहन रखरखाव के खर्च के बावजूद एग्रीगेटर कंपनियों की नीतियों से उनकी कमाई लगातार प्रभावित हो रही है।
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कैब चालकों की प्रमुख मांगें
फेयर कमीशन में बढ़ोतरी।
सभी ड्राइवरों के लिए बीमा (इंश्योरेंस) की सुविधा।
ऐप आधारित चालकों को संगठित श्रमिक का दर्जा।
ड्राइवर हितों की सुरक्षा के लिए स्पष्ट नीति।
बेहतर कार्य परिस्थितियां और आय सुनिश्चित करना।
यात्रियों की बढ़ी परेशानी
हड़ताल के चलते रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और एयरपोर्ट आने-जाने वाले यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोगों ने ऑटो और अन्य वैकल्पिक साधनों का सहारा लिया।
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चालकों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती, आंदोलन जारी रखने पर विचार किया जाएगा। वहीं, कैब एग्रीगेटर कंपनियों की ओर से इस संबंध में तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


