बायोमीट्रिक हाजिरी का विरोध, सेल की खदानों में उत्पादन ठप

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Chaibasa : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुवा क्षेत्र में सेल (स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड) प्रबंधन द्वारा बायोमीट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू करने की पहल अब बड़े औद्योगिक विवाद का रूप लेती नजर आ रही है। सोमवार (15 जून) की प्रथम पाली से किरीबुरू, मेघाहातुबुरु, गुवा और चिड़िया स्थित लौह अयस्क खदानों में हजारों श्रमिकों ने बायोमीट्रिक हाजिरी दर्ज करने से इनकार कर दिया।

श्रमिकों के विरोध के कारण खदानों में उत्पादन, लोडिंग, परिवहन और अन्य खनन गतिविधियां लगभग ठप हो गईं। इससे सेल के खनन कार्यों पर व्यापक असर पड़ा है। श्रमिक संगठनों का आरोप है कि प्रबंधन ने बायोमीट्रिक प्रणाली लागू करने से पहले कर्मचारियों और यूनियनों से पर्याप्त चर्चा नहीं की, जबकि यह व्यवस्था कर्मचारियों के हितों और कार्य परिस्थितियों को प्रभावित कर सकती है।

विरोध प्रदर्शन के दौरान श्रमिकों ने खदान परिसर में एकजुट होकर बायोमीट्रिक उपस्थिति प्रणाली को वापस लेने की मांग की। उनका कहना है कि जब तक उनकी आशंकाओं का समाधान नहीं किया जाता, तब तक वे इस व्यवस्था को स्वीकार नहीं करेंगे।

दूसरी ओर, सेल प्रबंधन का कहना है कि बायोमीट्रिक उपस्थिति प्रणाली पारदर्शिता बढ़ाने और कार्यस्थल पर उपस्थिति प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लागू की जा रही है। प्रबंधन ने कर्मचारियों से सहयोग की अपील की है और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की बात कही है।

फिलहाल श्रमिकों और प्रबंधन के बीच गतिरोध बना हुआ है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो इसका असर लौह अयस्क उत्पादन और आपूर्ति पर पड़ सकता है, जिससे कंपनी को आर्थिक नुकसान होने की आशंका है।

 

 

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