फोटो के दुरुपयोग से फर्जी प्रोफाइल और वीडियो बनाने का खतरा, निजी जानकारी साझा नहीं करने की अपील
Ranchi: सोशल मीडिया पर इन दिनों अपनी तस्वीरों को 80 के दशक या अन्य आकर्षक रूपों में बदलने का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। लोग बिना सुरक्षा जोखिमों पर विचार किए अपनी तस्वीरें एआई (AI) प्लेटफॉर्म पर अपलोड कर रहे हैं। इस बढ़ते चलन को देखते हुए रांची साइबर अपराध थाना ने आम नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है।
पांच प्रमुख सुरक्षा जोखिमों के प्रति किया आगाह
साइबर पुलिस ने एआई प्लेटफॉर्म पर तस्वीरें अपलोड करने से जुड़े पांच प्रमुख सुरक्षा जोखिमों के प्रति लोगों को आगाह किया है। पुलिस के अनुसार, तस्वीरों का इस्तेमाल चेहरे की पहचान के लिए गलत तरीके से किया जा सकता है। निजी तस्वीरें एआई कंपनियों के सर्वर पर लंबे समय तक स्टोर हो सकती हैं। इन्हें तीसरी पार्टी के साथ साझा करने या एआई ट्रेनिंग में इस्तेमाल करने की आशंका भी रहती है।
साइबर अपराधी तस्वीरों के जरिए फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल और वीडियो बना सकते हैं। इनका इस्तेमाल ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी केवाईसी और जाली पहचान पत्र तैयार करने में किया जा सकता है। तस्वीरों से छेड़छाड़ कर किसी व्यक्ति की सामाजिक छवि और प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुंचाया जा सकता है।
साइबर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनजान एआई ऐप्स पर अपनी निजी तस्वीरें अपलोड करने से बचें। विशेष रूप से पहचान पत्र, परिवार और लोकेशन से जुड़ी संवेदनशील तस्वीरें साझा न करें। किसी भी प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने से पहले उसकी गोपनीयता नीति और सुरक्षा शर्तों की जांच अवश्य करें।


