New Delhi: मध्य पूर्व में इजरायल और ईरान के बीच तनाव अब चरम पर पहुंच चुका है. लगातार हो रहे हमलों ने न सिर्फ दोनों देशों की सुरक्षा व्यवस्था को झकझोर दिया है, बल्कि दुनियाभर के देशों की चिंता भी बढ़ा दी है. हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि यरुशलम स्थित अमेरिकी दूतावास ने बुधवार से शुक्रवार तक बंद रहने की घोषणा की है. दूतावास ने अपने कर्मचारियों और उनके परिवारों को घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है. हालांकि, अमेरिका ने फिलहाल अपने नागरिकों को निकालने की कोई योजना नहीं बनाई है.
इस बीच इजरायली वायुसेना ने तेहरान पर एक और बड़ा हमला किया है, जिसमें ईरान की खत्म-अल-अंबिया स्पेशल फोर्स के चीफ ऑफ स्टाफ अली शादमानी मारे गए हैं. अली शादमानी को ईरानी सेना के सबसे वरिष्ठ और रणनीतिक सैन्य नेताओं में गिना जाता था. उनकी मौत से ईरानी सैन्य ढांचे को बड़ा झटका माना जा रहा है.
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच फोन पर एक अहम बातचीत हुई है. हालांकि, इस बातचीत का आधिकारिक ब्योरा सामने नहीं आया है. ट्रंप ने ईरान से ‘बिना शर्त आत्मसमर्पण’ की मांग की है और गंभीर चेतावनी दी है.
तेहरान के डिस्टिक्ट 18 के नागरिकों को तत्काल क्षेत्र खाली करने का आदेश दिया गया है, क्योंकि वहां इजरायली सेना द्वारा बड़े हमले की योजना है. संकट के इस माहौल में चेक गणराज्य और स्लोवाकिया ने तेज़ी दिखाते हुए अपने 181 नागरिकों को सरकारी विमानों के जरिए सुरक्षित निकाल लिया है.



