ईरान में तख्तापलट की आहट: रजा पहलवी ने इस्लामिक रिपब्लिक को दी खुली चुनौती

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New Delhi: ईरान और इजराइल के बीच जारी संघर्ष ने अब एक नया मोड़ ले लिया है. जहां एक ओर इजराइल और ईरान के बीच सैन्य टकराव तेज हो चुका है, वहीं दूसरी ओर ईरान के भीतर से ही सरकार को चुनौती दी जा रही है. ईरान के पूर्व शाह मोहम्मद रजा पहलवी के बेटे रजा पहलवी ने देशवासियों के नाम एक भावनात्मक और क्रांतिकारी संदेश जारी करते हुए इस्लामिक रिपब्लिक की सत्ता के अंत की भविष्यवाणी की है.

रजा पहलवी ने अपने संदेश में कहा कि अब समय आ गया है कि पूरा देश एकजुट होकर अयातुल्ला अली खामेनेई के शासन का अंत करे. उन्होंने यह भी दावा किया कि खामेनेई डर के कारण गुप्त स्थानों में छिपे हुए हैं और इस्लामिक शासन की नींव अब चरमरा चुकी है. रजा पहलवी का यह संदेश ऐसे समय आया है जब ईरान और इजराइल के बीच तनाव चरम पर है और अमेरिका भी इस घटनाक्रम में गहरी दिलचस्पी ले रहा है.

रजा पहलवी ने सेना, सुरक्षा बलों और सरकारी अधिकारियों से आह्वान किया कि वे इस “सड़ी हुई व्यवस्था” के लिए अपनी जान न दें, बल्कि जनता के साथ मिलकर एक नए युग की शुरुआत करें. उन्होंने कहा कि पूरे देश को अब खौफ और खामोशी तोड़ते हुए निर्णायक जनविद्रोह के लिए आगे आना होगा. उन्होंने खासतौर पर मशहद, इस्फहान, ताब्रीज, शिराज और जाहेदान जैसे शहरों के लोगों से सड़कों पर उतरने की अपील की.

सोशल मीडिया पर रजा पहलवी का संदेश वायरल हो रहा है और कई लोग इसे ईरान के इतिहास का निर्णायक मोड़ बता रहे हैं. 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद निर्वासन झेल रहे पहलवी अब अपने वंश का बदला लेने के लिए सक्रिय नजर आ रहे हैं. माना जा रहा है कि उन्हें अमेरिका और इजराइल का परोक्ष समर्थन प्राप्त है, जो ईरान पर दबाव बनाने के लिए इस आंदोलन को बल दे सकते हैं.

रजा पहलवी ने अपने संबोधन का अंत “ईरान अमर रहे, ईरानी राष्ट्र ज़िंदाबाद!” जैसे राष्ट्रवादी नारों के साथ किया. उनका यह बयान इस ओर इशारा कर रहा है कि ईरान में सत्ता परिवर्तन की कोशिशें अब खुलकर सामने आ चुकी हैं. यदि यह जन आंदोलन ज़ोर पकड़ता है, तो ईरान के लिए यह युगांतकारी क्षण साबित हो सकता है.

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