New Delhi: केंद्र सरकार जहां E20 (20% एथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल को बढ़ावा देकर कच्चे तेल के आयात में कमी, प्रदूषण नियंत्रण और गन्ना किसानों की आय बढ़ाने का लक्ष्य लेकर चल रही है, वहीं एक ताजा C-Voter सर्वे ने इस नीति को लेकर लोगों की चिंताओं को सामने रखा है।
E20 पेट्रोल का विरोध
सर्वे के मुताबिक, करीब 53% NDA समर्थक अपनी गाड़ियों में E20 पेट्रोल भरवाने के पक्ष में नहीं हैं। वहीं लगभग 50% लोगों ने आशंका जताई कि E20 पेट्रोल से वाहन के इंजन को नुकसान हो सकता है, जबकि कई लोगों ने माइलेज घटने की भी चिंता व्यक्त की।
सत्तारूढ़ नेताओं में भी नाराजगी
रिपोर्ट के अनुसार, यह विरोध केवल विपक्षी समर्थकों तक सीमित नहीं है, बल्कि सत्तारूढ़ गठबंधन के समर्थकों में भी E20 को लेकर संदेह बना हुआ है। सर्वे में शामिल कई लोगों ने मांग की कि यदि E20 पेट्रोल लागू किया जा रहा है तो इसकी कीमत सामान्य पेट्रोल से कम होनी चाहिए।
केंद्र सरकार की सफाई
हालांकि केंद्र सरकार का कहना है कि E20 ईंधन से आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम होगी, कार्बन उत्सर्जन घटेगा और किसानों को एथेनॉल उत्पादन के जरिए आर्थिक लाभ मिलेगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल E20 के विकल्प के रूप में शुद्ध पेट्रोल उपलब्ध कराना व्यावहारिक नहीं है।
Source: Aajtak, Times now, India Today


