2011 में शुरू हुई थी देश की पहली एसी डबल डेकर ट्रेन, 2014 से हावड़ा यार्ड में खड़े हैं कोच; रेलवे बोर्ड की मंजूरी के बाद स्क्रैप करने की तैयारी
Jhar Media: धनबाद और हावड़ा के बीच चलने वाली देश की पहली एसी डबल डेकर ट्रेन अब इतिहास बन जाएगी। वर्ष 2011 में बड़े उत्साह के साथ शुरू की गई इस ट्रेन को यात्रियों का अपेक्षित समर्थन नहीं मिल सका। परिचालन बंद होने के बाद वर्ष 2014 से इसके कोच हावड़ा यार्ड में खड़े थे। अब रेलवे बोर्ड की अनुमति के बाद पूर्व रेलवे ने ट्रेन को स्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही कोचों को स्क्रैप करने की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।
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धनबाद-हावड़ा के बीच इस डबल डेकर ट्रेन का परिचालन 1 अक्टूबर 2011 को शुरू हुआ था। तत्कालीन रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। डबल डेकर ट्रेन को लेकर उस समय यात्रियों में काफी उत्साह था और इसे रेलवे की एक नई पहल के तौर पर देखा गया था।
हालांकि, ट्रेन को अपेक्षित यात्री नहीं मिल सके। अधिक किराया और यात्रियों के अनुकूल समय नहीं होने के कारण इसकी मांग सीमित रही। लगातार हो रहे नुकसान के बाद रेलवे ने इसका परिचालन बंद कर दिया। इसके बाद ट्रेन के कोचों को हावड़ा यार्ड में खड़ा कर दिया गया।
दोबारा चलने की जगी थी उम्मीद
लंबे समय से यार्ड में खड़ी इस ट्रेन के भविष्य को लेकर हाल में रेलवे स्तर पर चर्चा हुई थी। पीसीएमई कांफ्रेंस के दौरान पूर्व रेलवे ने रेलवे बोर्ड से ट्रेन के संबंध में समाधान मांगा था। इससे इसके दोबारा परिचालन की उम्मीद जगी थी, लेकिन रेलवे बोर्ड की मंजूरी के बाद अब इसके स्थायी रूप से बंद होने का रास्ता साफ हो गया है।
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रेलवे के इस फैसले के बाद धनबाद-हावड़ा के बीच कभी आकर्षण का केंद्र रही यह डबल डेकर ट्रेन जल्द ही अतीत का हिस्सा बन जाएगी। लंबे समय से हावड़ा यार्ड में खड़े इसके कोचों को स्क्रैप किए जाने की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।


