New Delhi: टाटा समूह से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है. टाटा संस के बोर्ड ने एन. चंद्रशेखरन को कार्यकारी चेयरमैन के पद पर एक और पांच साल के कार्यकाल के लिए फिर नियुक्त करने को मंजूरी दे दी है. यह उनका तीसरा पांच वर्षीय कार्यकाल होगा.
टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने किया विरोध
यह फैसला महत्वपूर्ण इसलिए है क्योंकि टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति का विरोध किया. रिपोर्टों के मुताबिक बोर्ड बैठक में चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति को लेकर मतभेद सामने आए.
चंद्रशेखरन 2017 से टाटा संस के चेयरमैन हैं. अगस्त 2026 में उन्होंने मौजूदा कार्यकाल समाप्त होने के बाद दोबारा चेयरमैन पद के लिए दावा नहीं करने की बात कही थी, लेकिन अब बोर्ड के अनुरोध पर उन्होंने पांच साल का नया कार्यकाल स्वीकार किया है.
AGM में मंजूरी की है जरूरत
बोर्ड ने इसी बैठक में टाटा संस की संभावित शेयर बाजार लिस्टिंग की दिशा में आगे बढ़ने का भी फैसला किया है. यह कदम भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियामकीय फैसलों के बाद महत्वपूर्ण हो गया है. हालांकि, दोनों फैसलों को प्रभावी होने के लिए आगामी वार्षिक आम बैठक (AGM) में मंजूरी की आवश्यकता होगी.
टाटा संस में टाटा ट्रस्ट्स की करीब 66 प्रतिशत हिस्सेदारी है, इसलिए AGM में ट्रस्ट्स की भूमिका महत्वपूर्ण होगी. चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति और कंपनी की लिस्टिंग को लेकर बोर्ड के भीतर सामने आए मतभेद टाटा समूह के लिए आगे की दिशा का अहम मुद्दा बने हुए हैं.


