Ranchi : मानवता की मिसाल पेश करते हुए मुक्ति संस्था की ओर से रविवार को रिम्स में पड़े 43 लावारिस शवों का सामूहिक अंतिम संस्कार किया गया। जुमार नदी तट पर पूरे विधि-विधान और धार्मिक रीति-रिवाज के साथ सभी शवों को अंतिम विदाई दी गई।
प्रवीण लोहिया ने दी मुखाग्नि
मुक्ति संस्था के अध्यक्ष प्रवीण लोहिया ने शवों को मुखाग्नि दी। इस दौरान संस्था के कई सदस्य मौजूद रहे। सदस्यों ने धार्मिक परंपराओं के अनुसार अंतिम संस्कार की पूरी प्रक्रिया संपन्न कराई।
लावारिस शवों के अंतिम संस्कार की यह पहल उन लोगों को सम्मानजनक विदाई देने का प्रयास है, जिनके अंतिम समय में कोई अपना मौजूद नहीं था। संस्था की ओर से लंबे समय से रिम्स में पहचान नहीं हो पाने वाले और लावारिस शवों का अंतिम संस्कार किया जाता रहा है।
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मुक्ति संस्था के सदस्यों का कहना है कि अंतिम संस्कार केवल एक सामाजिक जिम्मेदारी ही नहीं, बल्कि मानवता और संवेदना से जुड़ा कार्य भी है। संस्था आगे भी इसी तरह लावारिस शवों को सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई देने का कार्य जारी रखेगी।


