Ranchi: झारखंड में करीब एक दशक के लंबे इंतजार के बाद शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट)-2026 का आयोजन आज किया जा रहा है। परीक्षा को कदाचारमुक्त, पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए झारखंड पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की धांधली, नकल या अव्यवस्था को रोकने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की सघन जांच सुनिश्चित करने के लिए स्पेशल ब्रांच, रांची ने विशेष अभियान चलाया है। इसके तहत हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर (एचएचएमडी) की व्यवस्था की गई है, ताकि किसी भी प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या अन्य आपत्तिजनक सामग्री को परीक्षा केंद्र के अंदर ले जाने से रोका जा सके।
पांच जिलों को दिए गए 112 मेटल डिटेक्टर
परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न जिलों से हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर की मांग की गई थी। इस संबंध में स्पेशल ब्रांच की ओर से संबंधित जिलों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। जिलों को अपने वाहनों के माध्यम से धुर्वा स्थित सुरक्षा उपकरण संरक्षण केंद्र, रांची से मेटल डिटेक्टर प्राप्त करने को कहा गया है।
जानकारी के अनुसार, पांच जिलों के लिए कुल 112 हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर आवंटित किए गए हैं। इन उपकरणों के माध्यम से परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की जांच की जाएगी। पुलिस का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी अभ्यर्थी मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट या अन्य प्रतिबंधित सामग्री लेकर परीक्षा हॉल में प्रवेश न कर सके।
परीक्षा के बाद लौटाने होंगे सभी उपकरण
स्पेशल ब्रांच ने संबंधित जिलों को निर्देश दिया है कि परीक्षा समाप्त होने के तुरंत बाद सभी मेटल डिटेक्टर सुरक्षित तरीके से संरक्षण केंद्र में वापस जमा कराए जाएं। इसके लिए जिलों को आवश्यक वाहन और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
करीब दस साल बाद हो रही इस परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों में खासा उत्साह है। वहीं, लंबे अंतराल के बाद आयोजित हो रही परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए पुलिस और प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखना और योग्य अभ्यर्थियों को बिना किसी बाधा के परीक्षा देने का अवसर उपलब्ध कराना है।


