Patna: राजधानी पटना के कंकड़बाग के सत्यव्रत अस्पताल में डॉक्टर की लापरवाही से मरीज की मौत का मामला सामने आया है. परिजनों का कहना है की मरीज बिल्कुल सही स्थिति में 26 जुलाई को अस्पताल में जांच और इलाज के लिए लाया गया था. उसे अस्पताल में बताया गया की कमर का नस दब गया है. ऑपरेशन करना होगा. इसपर ढाई लाख रुपए खर्च होंगे.

मृतक ठाकुर वृंदा एक प्राइवेट कंपनी में काम करते थे, ऐसे में ढाई लाख रुपए का इंतजाम करना मुश्किल था. इसलिए पत्नी ने कंपनी में पति के सहयोगियों से मदद की गुहार लगाई. इसके बाद कर्मियों ने किसी तरह कैशलेश मेडिक्लेम की लिमिट बढ़वाने में मदद की.
इसके बाद इसी सत्यव्रत अस्पताल में मरीज वृंदा का ऑपरेशन किया गया. परिजनों का आरोप है कि बिना किसी जरूरी जांच के ही ऑपरेशन कर दिया गया.
इसके बाद मरीज वृंदा की तबीयत बिगड़ने लगी. जब डॉक्टर से इसके बारे में पूछा गया तो उसने बताया कि मरीज की किडनी खराब हो गई है. डायलिसिस करना होगा.
मृतक की पत्नी का कहना है की इसके बाद मरीज की तबीयत दिन पर दिन ज्यादा खराब हो गई और उसकी मौत हो गई.
इसके बाद मृतक के भाई और पत्नी ने थाने में शिकायत की है, और पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की है. इधर, मृतक की पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल है. उसका कहना है कि अब पति के बिना मैं अपने परिवार का भरण पोषण कैसे करूं. घर में कमाने वाला कोई नहीं है. ऐसे में लापरवाह डॉक्टर पर कार्रवाई होनी चाहिए और उचित मुआवजा प्रशासन दिलाने का काम करे.



