New Delhi: भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए आज का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ. निजी स्पेस कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस ने अपने पहले ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल विक्रम-1 का सफल प्रक्षेपण कर नई उपलब्धि हासिल की. रॉकेट को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से सुबह करीब 11:30 बजे लॉन्च किया गया. मिशन को ‘आगमन’ नाम दिया गया था.
सफलता पूर्वक ऑर्बिट में स्थापित
लॉन्च के दौरान विक्रम-1 ने निर्धारित समय के अनुसार सभी चरण सफलतापूर्वक पूरे किए और अपने पेलोड को तय कक्षा (ऑर्बिट) में स्थापित कर दिया. पूरी लॉन्च प्रक्रिया पर इसरो के वैज्ञानिकों ने लगातार निगरानी रखी. इस सफलता के साथ स्काईरूट एयरोस्पेस भारत की उन अग्रणी निजी कंपनियों में शामिल हो गई है, जिन्होंने ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च करने की क्षमता का प्रदर्शन किया है.
भारत के लिए मील का पत्थर
यह उपलब्धि केवल स्काईरूट एयरोस्पेस के लिए ही नहीं, बल्कि भारत के तेजी से विकसित हो रहे निजी स्पेस इकोसिस्टम के लिए भी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है. वर्ष 2020 में केंद्र सरकार द्वारा अंतरिक्ष क्षेत्र में किए गए सुधारों के बाद निजी कंपनियों को रॉकेट, उपग्रह और लॉन्च सेवाओं के विकास में भागीदारी की अनुमति मिली थी.
इसके बाद भारतीय निजी स्पेस उद्योग ने लगातार नई ऊंचाइयों को छुआ है. विशेषज्ञों का मानना है कि विक्रम-1 की यह सफलता भारत को वैश्विक वाणिज्यिक अंतरिक्ष बाजार में और अधिक मजबूत पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.


