रांची से लापता दो बच्चों के मामले में बड़ा खुलासा, पुरी से अर्जुन बरामद, समंदर देखने घर से भागे थे बच्चे

0
173

Ranchi : से लापता हुए दो बच्चों करन और अर्जुन के मामले में रांची पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर सिटी एसपी पारस राणा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने लापता बच्चों में से एक अर्जुन को ओडिशा के पुरी से सकुशल बरामद कर लिया है। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। प्रारंभिक तौर पर जिस मामले को अपहरण से जोड़कर देखा जा रहा था, वह बच्चों के अपनी मर्जी से घर छोड़कर जाने का मामला निकला।

Also Read: यूपी में भीषण सड़क दुर्घटना, किताब घर संचालक समेत पलामू के चार लोगों की मौत 

सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग

बच्चों के लापता होने के बाद रांची पुलिस लगातार उनकी तलाश में जुटी हुई थी। विशेष टीम ने शहर के विभिन्न इलाकों और रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच के दौरान मिले सुरागों से पता चला कि बच्चे ओडिशा जाने वाली ट्रेन में सवार हुए थे। इसके बाद पुलिस टीम पुरी पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से अर्जुन को सुरक्षित बरामद कर लिया।

समंदर देखने निकले थे तीनों बच्चे

पुलिस पूछताछ में अर्जुन ने बताया कि वह अपने भाई करन और दोस्त शिवा के साथ बिना किसी को बताए सिर्फ समंदर देखने के उद्देश्य से घर से निकला था। पुरी पहुंचने के बाद तीनों बच्चों ने समुद्र तट और जगन्नाथ मंदिर के आसपास घूमकर समय बिताया।

अर्जुन ने बताया कि जब उनके पास मौजूद पैसे खत्म हो गए तो खाने-पीने के लिए उन्हें लोगों से मदद मांगनी पड़ी। इस दौरान पुरी रेलवे स्टेशन पर रेलवे पुलिस को उन पर संदेह हुआ। पूछताछ के दौरान बच्चों ने अपनी असली पहचान छिपाते हुए खुद को अनाथ और पुरी का स्थानीय निवासी बताया, ताकि उन्हें वापस घर न भेजा जाए।

करन और शिवा की तलाश जारी

रांची पुलिस ने अर्जुन को सुरक्षित बरामद कर लिया है, लेकिन उसके साथ गए भाई करन और दोस्त शिवा की तलाश अभी जारी है। पुलिस अर्जुन से मिली जानकारी के आधार पर पुरी और आसपास के क्षेत्रों में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोनों बच्चों को भी जल्द सुरक्षित बरामद कर लिया जाएगा।

बच्चों की निगरानी और संवाद की जरूरत

यह मामला बच्चों की मानसिक स्थिति, उनकी जिज्ञासाओं और परिवार के साथ संवाद की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अभिभावकों को बच्चों की गतिविधियों, उनकी इच्छाओं और व्यवहार में होने वाले बदलावों पर नियमित ध्यान देना चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

 

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here